

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी) से संबद्ध राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय परिवहन श्रमिक नेता तथा नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (एआईटीयूसी) के उपाध्यक्ष नवल किशोर श्रीवास्तव को मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के मामले में बड़ी कानूनी सफलता मिली है। श्रीवास्तव ने अपने तथा अपने परिवार के सदस्यों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई 10 जून 2026 को हुई, जिसमें अधिवक्ता संजय साहा और इंद्राणी मुखर्जी ने उनकी ओर से पैरवी की। सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने भारत निर्वाचन आयोग तथा पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता और उनके परिवार के सदस्यों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाने संबंधी समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए। फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नवल किशोर श्रीवास्तव ने कहा कि यह जीत केवल उनकी या उनके परिवार की नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक लोकतांत्रिक नागरिक की जीत है। उन्होंने कहा कि मीडिया के सहयोग और माननीय उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप से यह सफलता संभव हो सकी। श्रीवास्तव ने इस मामले को व्यापक रूप से प्रकाशित करने की अपील की है, ताकि निर्वाचन अधिकारियों और आम जनता का ध्यान मतदाता सूची में नाम शामिल करने जैसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक अधिकारों की ओर आकर्षित किया जा सके।