अलार्म चेन पुलिंग के अजीब कारणों का खुलासा, मई 2026 में 58 गिरफ्तार

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मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पूर्व रेलवे ने मई 2026 के दौरान ट्रेनों में हुई अनधिकृत अलार्म चेन पुलिंग (एसीपी) की घटनाओं पर चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं। रेलवे के अनुसार, पूरे महीने में 86 ट्रेनों को बेवजह रोका गया, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इन घटनाओं के पीछे आपात स्थिति नहीं, बल्कि यात्रियों की लापरवाही और अजीबोगरीब कारण सामने आए। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की जांच में पता चला कि कई यात्रियों ने अपने गांव या घर के पास ट्रेन रोकने के लिए चेन खींची। कुछ यात्री स्टेशन निकल जाने के बाद नींद से जागे और ट्रेन रोक दी। कई मामलों में गलत ट्रेन में चढ़ने, समय पर चढ़ने-उतरने में असफल रहने, मोबाइल फोन गिर जाने या प्लेटफॉर्म पर सामान छूट जाने जैसी वजहें सामने आईं। कुछ यात्रियों ने तो भारी बैग एसीपी लीवर पर टांग दिए, जिससे ट्रेन रुक गई। इन घटनाओं के कारण विभिन्न मंडलों में ट्रेनों को 13 से 17 मिनट तक की देरी का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक प्रभावित आसनसोल और हावड़ा मंडल रहे। मई माह में रेलवे ने सख्त अभियान चलाकर 72 मामले दर्ज किए और 58 लोगों को गिरफ्तार किया। पूर्व रेलवे ने चेतावनी दी है कि रेल अधिनियम, 1989 की धारा 141 के तहत बिना उचित कारण अलार्म चेन खींचना दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर एक वर्ष तक की जेल, 1,000 रुपये तक जुर्माना या दोनों सजा हो सकती हैं।


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