

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : राज्य बजट में आशा कर्मियों के मानदेय में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा के बावजूद हावड़ा नगर निगम क्षेत्र की आशा कर्मियों में असंतोष बना हुआ है। सरकार की इस घोषणा के विरोध में गुरुवार की शाम हावड़ा मैदान स्थित शरत सदन के सामने आशा कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से मासिक 15 हजार रुपये मानदेय की मांग कर रही हैं। इस मांग को लेकर कुछ समय पहले कोलकाता की सड़कों पर आंदोलन किया गया था, जहां उन्हें पुलिसिया लाठीचार्ज और कथित उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। वर्तमान में आशा कर्मियों को मात्र 5,250 रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है, जिसे वे सम्मानजनक जीवनयापन के लिए अपर्याप्त बता रही हैं। आशा कर्मियों का आरोप है कि बजट में घोषित एक हजार रुपये की बढ़ोतरी उनके संघर्ष का समाधान नहीं है। उनके अनुसार, यह बढ़ोतरी सरकार की ओर से “सम्मानजनक वेतन” नहीं बल्कि “भिक्षा” के समान है। इसी भावना के तहत वे सड़कों पर उतरकर विरोध जता रही हैं। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान आशा कर्मियों ने यह भी कहा कि उन्हें अब भी उम्मीद है कि राज्य सरकार उनकी स्थिति को समझेगी और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी। उल्लेखनीय है कि 23 दिसंबर से लेकर अब तक आशा कर्मी मानदेय वृद्धि सहित 8 सूत्री मांगों को लेकर लगातार कार्यस्थगन पर हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि सरकार को अविलंब सहानुभूतिपूर्वक उनकी सभी मांगों पर विचार कर ठोस निर्णय लेना चाहिए।