ठंड बढ़ते ही कोलकाता की हवा बिगड़ी, 4 AQI स्टेशन ‘खराब’ श्रेणी में पहुंचे

कड़ाके की ठंड में अलाव का सहारा
कड़ाके की ठंड में अलाव का सहारा
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AQI अलर्ट, 29 दिसंबर

● साल्ट लेक | खराब

● फोर्ट विलियम | खराब

● जादवपुर | खराब

● बालीगंज | खराब के कगार पर

● विक्टोरिया | मध्यम

● रवींद्र सरोवर | सबसे बेहतर (मध्यम)

स्रोत : वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : तापमान में गिरावट के साथ ही कोलकाता की वायु गुणवत्ता में रविवार को स्पष्ट गिरावट दर्ज की गई। शहर के सात सक्रिय कंटीन्यूअस एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों में से चार स्टेशन ‘खराब’ (AQI: 201–300) श्रेणी में चले गए। रविवार की सुबह शहर धुंध की मोटी परत में लिपटा नजर आया। मॉनिटरिंग नेटवर्क के आंकड़ों के अनुसार, प्रमुख स्टेशनों की स्थिति में उलटफेर देखने को मिला। साल्ट लेक AQI स्टेशन, जो पिछले एक सप्ताह से ‘मध्यम’ श्रेणी में बना हुआ था, रविवार को ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गया। वहीं विक्टोरिया स्टेशन, जो दिसंबर के अधिकांश दिनों में ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहा, अब ‘मध्यम’ स्तर पर आ गया। पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (WBPCB) के अनुसार, विक्टोरिया AQI स्टेशन पर लंबे समय तक ‘बहुत खराब’ रीडिंग का मुख्य कारण पर्पल लाइन मेट्रो स्टेशन के निर्माण कार्य से उठने वाली धूल रही है। WBPCB के अध्यक्ष कल्याण रुद्र ने बताया, “हमने सेना प्राधिकरण और मेट्रो रेलवे दोनों से इलाके में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है।” वहीं अधिकारियों ने साल्ट लेक में AQI बिगड़ने के पीछे खराब और असमान सड़कों से उड़ने वाली धूल को प्रमुख वजह बताया। दिनभर फोर्ट विलियम और जादवपुर स्टेशनों पर भी लगातार ऊंचा AQI दर्ज किया गया, जबकि बालीगंज ‘खराब’ श्रेणी की सीमा पर बना रहा। रवींद्र सरोवर क्षेत्र शहर का सबसे स्वच्छ इलाका बना रहा, जहां पूरे दिन वायु गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी में रही। हावड़ा जिले में भी ठंड और धुंध का सीधा असर वायु गुणवत्ता पर देखने को मिला। रविवार को हावड़ा, बेलुड़, शिवपुर और बाली क्षेत्र में हवा में धूल और सूक्ष्म प्रदूषक कणों (PM2.5 व PM10) की मात्रा बढ़ी रही। सुबह के समय दृश्यता कम रही और धुंध छाई रही। वायु गुणवत्ता विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सर्दियों में इनवर्जन की स्थिति अब पूरी तरह स्थापित हो चुकी है। इस स्थिति में जमीन के पास ठंडी हवा जमा हो जाती है और ऊर्ध्वाधर मिश्रण कम होने के कारण प्रदूषक ऊपर नहीं जा पाते, जिससे हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ती है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड बढ़ने के साथ स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

नागरिकों के लिए एडवाइजरी

-खुले में व्यायाम से बचें।

-N95/मास्क का प्रयोग करें।-

निर्माण धूल व कचरा जलाने की शिकायत करें।


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