परिवहन मंत्री ने एसटीयू और निजी बस ऑपरेटरों के साथ की बैठक, पूजा में निर्बाध बस सेवा पर जोर

'Even if you make 400 complaints, I have only said something constitutional': Arjun Singh
Published on

कोलकाता : राज्य के परिवहन मंत्री ने सोमवार को मैदान स्थित टेंट कार्यालय में लगातार दो बैठकें कीं। पहली बैठक परिवहन विभाग के प्रधान सचिव और पांच राज्य परिवहन उपक्रमों (एसटीयू) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई, जबकि दूसरी बैठक निजी बस ऑपरेटर संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई। बैठकों में परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाने, बस ऑपरेटरों की समस्याओं और आगामी दुर्गापूजा के दौरान निर्बाध बस सेवा सुनिश्चित करने पर चर्चा की गयी।

एसटीयू के साथ बैठक में उनके वित्तीय हालात, सरकारी सहायता की जरूरत, यात्रियों को उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं और संचालन क्षमता बढ़ाने के उपायों की समीक्षा की गयी। मंत्री ने परिसंपत्तियों के बेहतर इस्तेमाल के जरिये एसटीयू का राजस्व बढ़ाने पर जोर दिया। इसके लिए जहां संभव हो, पीपीपी मॉडल की संभावनाएं तलाशने और कबाड़ की वैज्ञानिक तरीके से नीलामी अथवा निस्तारण करने का निर्देश दिया गया।

टोल और फास्टैग का मुद्दा उठा

निजी बस ऑपरेटरों के साथ हुई बैठक में परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एनएचएआई के अधिकारी भी मौजूद थे। बस मालिकों ने पश्चिम बंगाल में पंजीकृत स्टेट कैरिज बसों से जुड़े कई मुद्दे उठाये। इनमें अलग-अलग टोल प्लाजा पर वसूले जा रहे टोल, ऑनलाइन टोल भुगतान और फास्टैग से जुड़ी परेशानियां व अतिरिक्त खर्च, कथित पुलिस उत्पीड़न, चुनाव ड्यूटी के लिए requisition की गयी बसों का लंबित भुगतान तथा बकाया मोटर व्हीकल टैक्स पर लगने वाले जुर्माने का मुद्दा प्रमुख रहा।

टोल से संबंधित शिकायतों पर परिवहन मंत्री ने एनएचएआई अधिकारियों को पश्चिम बंगाल में पंजीकृत स्टेट कैरिज बसों की समस्याओं की जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने अन्य राज्यों, विशेषकर ओडिशा में उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पूरे राज्य में एक समान और व्यावहारिक व्यवस्था तैयार करने को कहा। एनएचएआई को एक सप्ताह के भीतर व्यावहारिक समाधान पेश करने का निर्देश दिया गया। इस पर हुई प्रगति की समीक्षा के लिए दोबारा बैठक भी होगी।

पुलिस शिकायत पर कार्रवाई का निर्देश

बस ऑपरेटरों द्वारा पुलिस की ओर से कथित उत्पीड़न की शिकायत पर मंत्री ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को संबंधित पुलिस अधिकारियों के समक्ष मामला उठाने और बस ऑपरेटरों की अन्य परिचालन संबंधी समस्याओं की भी जांच करने का निर्देश दिया।

चुनाव ड्यूटी में requisition की गयी बसों के लंबित भुगतान को लेकर मंत्री ने आश्वासन दिया कि विभाग संबंधित अधिकारियों के साथ इस मुद्दे को उठायेगा। वहीं, बकाया मोटर व्हीकल टैक्स पर लगने वाले जुर्माने में राहत देने के लिए कानूनी प्रावधानों की जांच करने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया।

आगामी दुर्गापूजा समेत अन्य पूजा उत्सवों के दौरान पर्याप्त और निर्बाध बस सेवा सुनिश्चित करने के लिए मंत्री ने निजी बस ऑपरेटर संगठनों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान राज्य में सुचारु सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in