

कोलकाता : विश्वकर्मा पूजा के कारण शुक्रवार को शहर में बस, ऑटो और मीटर टैक्सी समेत सार्वजनिक परिवहन का बड़ा हिस्सा सड़कों से नदारद रहा। इसका सीधा असर ऐप कैब सेवाओं पर पड़ा और विभिन्न एग्रीगेटरों के किराये में अचानक उछाल देखने को मिला। हालात यह रहे कि हाल्टू से गरियाहाट के बीच महज 2.7 किलोमीटर की दूरी के लिए एक 80 वर्षीय बुजुर्ग से 155 रुपये किराया लिया गया। कई यात्रियों को कैब बुक करने के लिए 30 मिनट तक इंतजार करना पड़ा, जबकि सामान्य तौर पर यह यात्रा करीब 20 मिनट में पूरी हो जाती है। शुक्रवार को हुई बारिश के कुछ दौर ने भी यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी।
ऐप कैब एग्रीगेटरों के अनुसार, विश्वकर्मा पूजा के कारण बड़ी संख्या में ड्राइवर पार्टनर ड्यूटी पर नहीं आए, जिससे कैब की उपलब्धता कम हो गई। शाम होते-होते उपलब्धता और घट गई तथा सूर्यास्त के बाद किराये में और बढ़ोतरी की शिकायतें सामने आईं।
अलीपुर निवासी अपरिजिता बनर्जी ने बताया कि पार्क स्ट्रीट से घर लौटने के लिए उन्हें करीब 30 मिनट तक कैब का इंतजार करना पड़ा। इसके बाद उन्हें सामान्य 130 रुपये के बजाय 200 रुपये किराया देना पड़ा। उन्होंने कहा कि वह रोजाना कार्यालय आने-जाने के लिए कैब पर निर्भर रहती हैं और शुक्रवार को किराया बढ़ने के साथ बुकिंग में भी काफी समय लगा।
दोपहर करीब 2 बजे एस्प्लेनेड से एयरपोर्ट की करीब 15 किलोमीटर की दूरी के लिए अलग-अलग ऐप कैब पर 418 से 536 रुपये तक किराया दिखा। बेहला चौरस्ता से एस्प्लेनेड की 11 किलोमीटर दूरी के लिए 487 से 519 रुपये, जबकि जनबाजार से आरजी कर अस्पताल की करीब 6 किलोमीटर दूरी के लिए 266 से 300 रुपये तक किराया मांगा गया।
शाम करीब 5.30 बजे एस्प्लेनेड से एसएसकेएम अस्पताल के बीच महज 3 किलोमीटर की दूरी के लिए 150 से 178 रुपये तक किराया लिया गया।
एस्प्लेनेड से जादवपुर 8बी बस स्टैंड जाने के लिए बस नहीं मिलने पर कॉलेज छात्रा मुस्कान खातून ने कैब बुक करने की कोशिश की। उनके अनुसार, ऐप पर किराया 650 रुपये दिखा, जबकि सामान्य दिनों में यह करीब 350 रुपये रहता है। आखिरकार उन्होंने मेट्रो से यात्रा की और घर पहुंचने के लिए सफर को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटना पड़ा।
बारानगर निवासी श्रेया दास ने बताया कि बारानगर से गार्डन रीच का सामान्य किराया करीब 350 रुपये है, लेकिन शुक्रवार को उन्हें 600 रुपये चुकाने पड़े। वहीं, मध्यमग्राम निवासी अग्निक चटर्जी ने पार्क स्ट्रीट जाने के लिए 600 रुपये दिए, जो सामान्य दिनों के मुकाबले करीब दोगुना था।
बामनगाछी निवासी बृष्टि मजूमदार ने पार्क स्ट्रीट जाने के लिए 1,400 रुपये चुकाए। उन्होंने बताया कि सामान्य दिनों में इसी यात्रा का किराया करीब 800 रुपये रहता है।
ऑनलाइन कैब ऑपरेटर्स गिल्ड के मुताबिक, उसके बेड़े की करीब 40 फीसदी यानी लगभग 10,500 कैब शुक्रवार को सड़कों पर नहीं उतरीं। संगठन के महासचिव इंद्रनील बनर्जी ने कहा कि विश्वकर्मा पूजा के दौरान आम तौर पर कैब की संख्या कम रहती है, लेकिन इस बार त्योहार के साथ खराब मौसम ने भी किराये में बढ़ोतरी में भूमिका निभाई। उन्होंने दावा किया कि कुछ निजी एग्रीगेटरों ने स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश की, जिसके कारण विभिन्न रूटों पर किराये में 15 फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई।
सीआईटीयू समर्थित कैब यूनियन ने भी माना कि शुक्रवार को उसके 50 फीसदी से अधिक चालक सड़क पर नहीं उतरे।