

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : आगामी दिनों में ही विधानसभा चुनावों की घोषणा हो जायेगी। इसके पहले ही पिलखाना इलाके में प्रमोटर शफीक (सौफिक) खान की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के बाद इलाके में तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे। मृतक के परिजनों का आरोप है कि हारुन खान और रोहित नामक दो युवकों ने पैसों के विवाद में शफीक की हत्या की। परिवार के मुताबिक, प्रमोटरी के पैसे को लेकर कई दिनों से विवाद चल रहा था और उसी रंजिश में वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
बाइक में लगाई आग, जीटी रोड जाम : आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आक्रोशित लोगों ने जीटी रोड पर अवरोध किया। इस दौरान एक संदिग्ध की बाइक में आग लगा दी गई। सूचना पर दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही 16 नंबर वार्ड के पूर्व पार्षद मोहम्मद रुस्तम मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह खुलेआम हथियार लहराना चिंता का विषय है। पुलिस को और सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप : इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा नेता उमेश राय ने दावा किया कि मुख्य आरोपी हारुन 16 नंबर वार्ड का तृणमूल युवा नेता है और उत्तर हावड़ा के विधायक गौतम चौधुरी का करीबी है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में समाजविरोधी गतिविधियां बढ़ रही हैं। हालांकि विधायक गौतम चौधरी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “मेरे साथ हजारों लोग कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। कौन किस गतिविधि में शामिल है, यह हर समय जान पाना संभव नहीं। लेकिन पुलिस-प्रशासन से बातचीत हो रही है और इलाके को शांत किया जाएगा। दोषियों को जेल भेजा जाएगा।”
इंसाफ की मांग पर अड़े लोग : घटना के बाद से इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा और आरोपियों को कड़ी सजा नहीं दी जाएगी, तब तक वे मतदान का बहिष्कार करेंगे।
क्या कहा डीसी ने : हावड़ा (उत्तर) के डीसी अम्लानकुसुम घोष ने कहा कि इलाके में असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जाती है और आगे भी अभियान जारी रहेगा।
पुलिस प्रशासन के आश्वासन के बावजूद इलाके में तनाव बरकरार है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस कब तक आरोपियों को गिरफ्तार कर हालात सामान्य कर पाती है।