

कोलकाता : भीषण बारिश और उसके बाद आए जलभराव को लेकर राज्य के सिंचाई मंत्री डॉ. मानस रंजन भुइयां ने सोमवार को विस्तृत बयान दिया। उन्होंने कहा कि ‘बादल फटने वाली बारिश की कहानी हम पहले भी सुन चुके हैं। इस बार इसे कोलकाता में देखा गया। सरकार इससे निपटने के लिए तैयार है।’ मंत्री ने विपक्ष और केंद्रीय अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि पैसा वर्ष 2013 से नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 2021 से कोलकाता की हर नहर की ड्रेजिंग का काम चल रहा है। मंत्री ने कहा, ‘हमने अब तक 231 कि.मी. नहर की ड्रेजिंग पूरी की है, और 88 किलोमीटर पर काम जारी है। इसके लिए 52 करोड़ रुपये खर्च होंगे।’ उन्होंने नहरों की क्षमता और लंबाई के आधार पर ड्रेजिंग का महत्व भी बताया, ताकि किनारे टूटने और कटाव को रोका जा सके।
भुइयां ने 10 लोगों की मौत को दुःखद बताया और कहा कि हर विभाग रात-दिन काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग के सभी पंपिंग स्टेशन काम कर रहे हैं और कोलकाता में पानी कम हो गया है। उन्होंने डीवीसी और सीईएससी की जिम्मेदारी पर भी बयान दिया। मंत्री ने कहा, ‘सीईएससी को अपनी जिम्मेदारी लेनी होगी। डीवीसी साल-दर-साल बैराज की खुदाई नहीं करता, यही कारण है कि बंगाल डूब रहा है।’ सिंचाई मंत्री ने अतिक्रमण के मुद्दे पर कहा कि यह सामाजिक समस्या है और सरकार इसे देख रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नहरों को बचाने की योजनाएं बनाई जा रही हैं और सभी विभाग मिलकर समस्या का समाधान करेंगे। भुइयां ने विपक्ष को चेतावनी दी और कहा कि ‘यह राजनीतिक ज्योतिषी बनने का समय नहीं है। पहले दिल्ली जाकर बंगाल को पैसा देने की मांग करें।’