आगरतला कोचिंग डिपो में 345 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर पावर प्लांट शुरू

आगरतला कोचिंग डिपो में 345 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर पावर प्लांट शुरू
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मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

मालिगांव : पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने आगरतला कोचिंग डिपो में 345 किलोवाट क्षमता वाले ऑन-ग्रिड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट की सफलतापूर्वक स्थापना कर उसे चालू कर दिया है। यह परियोजना भारतीय रेलवे की ऊर्जा दक्षता और पर्यावरणीय स्थिरता की नीति के अनुरूप शुरू की गई है। इसका उद्देश्य उपलब्ध छतों का अधिकतम उपयोग करते हुए नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाना और पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम करना है। रेलवे के अनुसार, सोलर पावर प्लांट वर्तमान बिजली खपत से अधिक विद्युत उत्पादन कर रहा है, जिससे यह केंद्र अब नेट पॉजिटिव एनर्जी सुविधा बन गया है। दिन के समय उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को विद्युत ग्रिड में वापस भेजा जा रहा है, जिससे हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ पारंपरिक बिजली की खपत में भी कमी आएगी। इस परियोजना से बिजली खर्च में उल्लेखनीय बचत होने के साथ-साथ पीक आवर्स के दौरान बिजली की मांग पर दबाव भी कम होगा। इसके अलावा, कार्बन उत्सर्जन और समग्र कार्बन फुटप्रिंट में कमी लाने में भी यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने कहा कि 345 किलोवाट क्षमता वाले इस ऑन-ग्रिड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट का संचालन स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने और पर्यावरण-अनुकूल आधारभूत संरचना विकसित करने की उसकी सतत प्रतिबद्धता का हिस्सा है। रेलवे भविष्य में भी ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, हरित तकनीकों को अपनाने और स्वच्छ एवं टिकाऊ भविष्य के निर्माण के लिए राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करता रहेगा।

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