बिधाननगर में बाजारों के नवीनीकरण के लिए 2 करोड़ का प्रावधान, क्या लौटेंगे ग्राहक?

बिधाननगर में बाजारों के नवीनीकरण के लिए 2 करोड़ का प्रावधान, क्या लौटेंगे ग्राहक?
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पिछले वित्त वर्ष में इस मद में 1 करोड़ रुपये थे आवंटित

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : ऑनलाइन खरीदारी और शॉपिंग मॉल की बढ़ती लोकप्रियता के कारण सॉल्टलेक के पारंपरिक बाजारों की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। कई कम्युनिटी मार्केट में ग्राहकों की संख्या घटी है और बुनियादी ढांचा जर्जर हो चुका है। इस स्थिति को बदलने के लिए बिधाननगर नगर निगम ने 2026-27 के बजट में बाजारों के आधुनिकीकरण और मरम्मत के लिए आवंटन दोगुना कर दिया है। आगामी वित्त वर्ष में बाजारों की मरम्मत और रखरखाव के लिए 2 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह राशि 1 करोड़ रुपये थी। निगम के बाजार विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि आधुनिक सुविधाओं और साफ-सफाई के अभाव में छोटे बाजार, मॉल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से प्रतिस्पर्धा में पीछे रह रहे हैं। ग्राहकों को वापस लाने के लिए बुनियादी ढांचे का सुधार आवश्यक है। सॉल्टलेक के 16 कम्युनिटी मार्केट का रखरखाव फिलहाल निगम के जिम्मे है। नए बजट के तहत करुणामयी से लेकर ईई, एचबी, एफई और जीसी ब्लॉक के निवासियों के प्रमुख खरीद केंद्र जीडी मार्केट के नवीनीकरण का कार्य फिर से शुरू किया जाएगा। करीब 17 महीने पहले मरम्मत कार्य शुरू हुआ था, लेकिन सामने के हिस्से में आंशिक काम के बाद अज्ञात कारणों से इसे रोक दिया गया। जीडी मार्केट में कुल 84 दुकानें हैं। बाहरी हिस्से के साथ-साथ अंदर की हालत भी खराब है। दुकानदारों के अनुसार छत से अक्सर कंक्रीट के टुकड़े गिरते हैं और शौचालयों की स्थिति बेहद दयनीय है। व्यवसायी समिति के सचिव स्वतंत्र सरकार ने कहा कि बाजार की बदहाल स्थिति के कारण कई ग्राहक ऑनलाइन खरीदारी की ओर मुड़ गए हैं। उनका मानना है कि यदि बाजार का समुचित नवीनीकरण होता है तो ग्राहक फिर से लौटेंगे। पहले चरण में जीडी मार्केट के लगभग 50 प्रतिशत हिस्से का नवीनीकरण किया गया था, जिस पर 1 करोड़ 30 लाख रुपये खर्च हुए। निगम सूत्रों के अनुसार दूसरे चरण का काम शीघ्र शुरू होगा और इसके लिए विशेषज्ञों की सलाह भी ली जा रही है। जीडी के अलावा एजी और एच ब्लॉक बाजारों का भी नवीनीकरण प्रस्तावित है। योजना के तहत पुराने बाजारों की छत और बाहरी दीवारों की मरम्मत, नए सिरे से प्लास्टर और रंग-रोगन, पैदल मार्ग पर पेवर टाइल्स बिछाना, बिजली व्यवस्था का आधुनिकीकरण तथा आधुनिक शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। निगम के मेयर परिषद (बाजार) राजेश चिड़ीमार ने कहा कि बाजारों से मिलने वाला किराया और स्वामित्व परिवर्तन शुल्क निगम की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। बुनियादी ढांचा बेहतर होने से जहां राजस्व सुनिश्चित होगा, वहीं ग्राहक भी निश्चिंत होकर बाजार में खरीदारी के लिए आएंगे।

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