

चंदननगर : फ्रांसीसी शासन की विरासत को संजोए चंदननगर के पुराने रजिस्ट्री भवन के दिन अब बदलने वाले हैं। लंबे समय से जर्जर पड़े इस ऐतिहासिक भवन के जीर्णोद्धार का काम 11 सितंबर से शुरू होगा। इस मौके पर तीन दिवसीय समारोह का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में राज्य के मंत्री और अधिकारी के अलावा भारत में फ्रांस के राजदूत तथा फ्रांस सरकार के प्रतिनिधिमंडल के शामिल होने की संभावना है।
कभी फ्रांसीसी उपनिवेश रहे चंदननगर में फ्रांसीसी दौर की कई ऐतिहासिक इमारतें आज भी मौजूद हैं। इनमें फ्रांसीसी संग्रहालय, क्लॉक टावर, डुप्ले कॉलेज और फ्रांसीसी चर्च प्रमुख हैं। इनमें से कई इमारतें हेरिटेज सूची में शामिल हैं। हालांकि, कई अन्य ऐतिहासिक भवन उचित संरक्षण के अभाव में जर्जर हो रहे हैं। इनमें चंदननगर का पुराना रजिस्ट्री भवन भी शामिल है।
चंदननगर स्ट्रैंड रोड के किनारे स्थित इस पुराने रजिस्ट्री कार्यालय का निर्माण 1875 में रानिघाट के पास हुआ था। फ्रांसीसी स्थापत्य शैली में बने इस दो मंजिला भवन में कभी फ्रांसीसी सरकार का रजिस्ट्री कार्यालय चलता था और यहां अदालत भी लगती थी। वर्ष 1950 में चंदननगर के भारत में शामिल होने के बाद से यह भवन धीरे-धीरे उपेक्षा का शिकार होता गया। फिलहाल पूरा भवन झाड़ियों और पेड़-पौधों से ढका हुआ है तथा इसकी हालत काफी जर्जर है।
पिछली सरकार के कार्यकाल में करीब पांच करोड़ रुपये खर्च कर भवन के जीर्णोद्धार की योजना बनाई गई थी, लेकिन योजना आगे नहीं बढ़ सकी। फरवरी 2022 में इसके लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी हुआ था, लेकिन उसका क्रियान्वयन नहीं हो पाया। अब नई सरकार इस अधूरे काम को पूरा करने की पहल कर रही है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, 11 से 13 सितंबर तक चंदननगर में तीन दिवसीय उत्सव आयोजित होगा। इसके लिए स्ट्रैंड रोड को रोशनी से सजाया जा रहा है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच तैयार किया जा रहा है। नृत्य और संगीत कार्यक्रमों के साथ गंगा आरती का भी आयोजन किया जाएगा। स्थानीय खान-पान के स्टॉल भी लगाए जाएंगे, जिनमें चंदननगर का प्रसिद्ध जलभरा संदेश प्रमुख आकर्षण होगा।
कार्यक्रम में राज्य के पर्यटन मंत्री शंकर घोष और फ्रांस के प्रतिनिधियों के शामिल होने की बात कही गई है। प्रशासन की योजना पुराने रजिस्ट्री कार्यालय भवन का जीर्णोद्धार कर उसे उसके मूल स्वरूप के करीब वापस लाने की है।
कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा चंदननगर के विधायक दीपांजन गुहा ने लिया। उनके साथ हुगली के अतिरिक्त जिलाधिकारी अनुज प्रताप सिंह और महकमा शासक आशुतोष कुमार भी मौजूद थे।
चंदननगर हेरिटेज संगठन के संस्थापक कल्याण चक्रवर्ती ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में चंदननगर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कई क्रांतिकारी यहां के रहने वाले थे। ऐसे में इंडो-फ्रेंच उत्सव के दौरान उन क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी जाए तो कार्यक्रम को अलग पहचान मिलेगी।
विधायक दीपांजन गुहा ने कहा कि चंदननगर का इतिहास, संस्कृति और स्थापत्य इसकी पहचान हैं और इन सभी का संरक्षण जरूरी है। उन्होंने कहा कि फ्रांस के साथ चंदननगर के पुराने संबंधों को और मजबूत किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने भी चंदननगर को लेकर पर्यटन विकास की योजना की बात कही है।
राज्य के परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने बताया कि कोलकाता में प्रस्तावित गंगा रिवर क्रूज को बंडेल से श्रीरामपुर होते हुए बैरकपुर तक चलाने की योजना है। इससे चंदननगर और आसपास के क्षेत्रों में नदी पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।