

सुदेश बेरी उन अभिनेताओं में से हैं जो सनी देओल और धर्मेन्द्र को अपना मेंटर मानते हैं। उनका कहना है कि इतने बड़े स्टार होने के बावजूद वे बेहद जमीन से जुड़े हुए इंसान हैं। ट्रेलर लॉन्च के दौरान उन्होंने अपनी यादें ताजा करते हुए बताया कि उनकी डेब्यू फिल्म “घायल” में उन्हें सनी देओल ने लॉन्च किया था। हाल ही में मुंबई में उनकी फिल्म “पंख होते तो उड़ जाते” के ट्रेलर और म्यूजिक लॉन्च हुआ, इस अवसर पर पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित अनूप जलोटा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इनके अलावा सुदेश बेरी, शाहबाज़ खान, अवतार गिल, गौरी शंकर, अरमांन ताहिल, निशांत सहित कई कलाकारों की मौजूदगी से इस फिल्म की लांचिंग को खासी पहचान मिली । फिल्म का निर्माण सैम पटेल ने किया है और संगीत रेड रिबन द्वारा रिलीज़ किया गया। प्रस्तुत है बातचीत के कुछ अंश :
क्या आप सनी देओल और धर्मेंद्र को अपना मेंटर मानते हैं?
सनी देओल और धर्मजी ने ही मेरी प्रतिभा और स्क्रीन प्रेजेंस को पहचाना और मुझे 90 के दशक की हिट फिल्म “घायल” में लॉन्च किया । वे दोनों ही बेहद जमीन से जुड़े हुए इंसान हैं और इसी वजह से आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं।
धर्मेंद्र जी के साथ आपकी पहली मुलाकात कैसी रही?
उन्होंने मुझे पहली बार आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा, “बदमाश, तुम अंडरप्ले बहुत अच्छा करते हो।” उन्होंने मुझे एक अच्छा अभिनेता बताया और सादगी से अभिनय करने की सलाह दी-जो आज भी मेरे लिए बहुत मायने रखती है।
सनी देओल की पावरफुल इमेज, जैसे ‘2.5 किलो का हाथ’ डायलॉग पर आपका क्या कहना है?
ऐसे पल इसलिए आइकॉनिक बनते हैं क्योंकि वे स्वाभाविक होते हैं। जैसे Rajesh Khanna और Dev Anand की स्टाइल-वो बनावटी नहीं थी। जब कोई चीज दिल से आती है और दर्शकों से जुड़ती है, तो वो यादगार बन जाती है।
“पंख होते तो उड़ जाते” में काम करने के लिए आपको क्या खास लगा ?
इसका टाइटल ही बहुत खूबसूरत और आकर्षक है। आजकल हीरोइज़्म से ज्यादा किरदार मायने रखते हैं। मुझे कहानी, डायरेक्टर का विजन और लोकेशन बहुत पसंद आई। खासकर दिवंगत निर्देशक शिवा त्रिपाठी का व्यवहार और सोच मुझे बहुत प्रभावित कर गई।
फिल्मों में सफलता किन चीजों पर निर्भर करती है?
फिल्मों में टाइमिंग और किस्मत बहुत अहम होती है-जिसे हम ‘अदा’ और ‘मुकद्दर’ कहते हैं। टैलेंट जरूरी है, लेकिन सही समय और भाग्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
अपने करियर को आप आगे कैसे देखते हैं?
मुझे विश्वास है कि मुझे वो मौके मिलेंगे जिनका मैं हकदार हूं। मैं अपने सफर को लेकर सकारात्मक हूं और एक अभिनेता के रूप में आगे बढ़ना चाहता हूं।
क्या आपको लगता है कि आपको अभी तक आपका हक नहीं मिला?
बस आप सबकी दुआएं बनी रहें। मैं आगे बढ़ता रहूं, ऊंचाइयों को छूऊं और अपने अभिनय को और मजबूत करूं-यही मेरी कोशिश है।
फिल्म 1 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है। सुदेश बेरी ने अपने दर्शकों को उनके प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा—“भगवान आप सबका भला करे।”
-लिपिका वर्मा