एक 'पहचाना हुआ नया कलाकार' हूँ

राजपाल यादव से फिल्म 'भूत बंगला' पर बातचीत
बातचीत
राजपाल यादवचित्र इंटरनेट से साभार
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प्रश्न : राजपाल जी, मैं आपको कई सालों से इंटरव्यू करती आ रही हूँ और आपके संघर्ष से लेकर आज तक का सफर देखा है। आज हम 'भूत बंगला' के लिए मिल रहे हैं। इस फिल्म के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे ?

राजपाल यादव : एक तरह से मेरा जन्म फिल्म इंडस्ट्री में ही हुआ है और मुझे सिनेमा में काम करते हुए लगभग 25–26 साल हो गए हैं। जहाँ भी रचनात्मकता मिली-चाहे 70 एमएम सिनेमा हो या टेलीविजन-मैंने हमेशा उसका हिस्सा बनने की कोशिश की। अब 2026 में दर्शकों को 'भूत बंगला' देखने को मिलेगी, जो 10 अप्रैल को रिलीज हो रही है। यह एक रहस्यमयी बंगले पर आधारित फिल्म है, जहाँ कई अजीब और डरावनी घटनाएँ होती हैं। मैं बहुत उत्साहित हूँ कि दर्शक इसे अनुभव करेंगे।

प्रश्न : आप लंबे समय बाद निर्देशक प्रियदर्शन के साथ काम कर रहे हैं। कैसा अनुभव रहा?

राजपाल यादव : बहुत शानदार अनुभव रहा। मेरे लिए हर फिल्म मेरी पहली फिल्म जैसी होती है, क्योंकि वह हमेशा नई सोच और नया नजरिया लेकर आते हैं। जब वह कोई सीन सुनाते हैं, तो आप उसे स्क्रीन पर पहले से ही देख सकते हैं।

एक सीन में अगर चार-पाँच कलाकार भी हों, तो वह खुद अभिनय करके सब समझाते हैं। एक निर्देशक के रूप में वह कैमरे के पीछे कप्तान हैं, और कलाकारों की परफॉर्मेंस से भी गहराई से जुड़ते हैं। लेकिन सच कहूँ तो, फिल्म सिर्फ कलाकारों से नहीं बनती-बैकग्राउंड आर्टिस्ट्स और तकनीशियंस का भी उतना ही योगदान होता है। सब मिलकर काम करें, तभी फिल्म जीवंत बनती है।

प्रश्न : आपने कई निर्देशकों के साथ काम किया है। प्रियदर्शन की शैली को आप दूसरों से कैसे अलग मानते हैं ?

राजपाल यादव : हर निर्देशक की अपनी अलग पहचान और स्टाइल होती है। जैसे राम गोपाल वर्मा और अन्य निर्देशकों की अपनी सिनेमाई शैली होती है उसी तरह प्रियान जी की भी अपनी खास पहचान है। उनकी फिल्में हमेशा मनोरंजक होती हैं और एक अलग अंदाज़ में प्रस्तुत की जाती हैं।

प्रश्न : करियर की शुरुआत में आपने नकारात्मक भूमिकाएँ भी निभाईं, लेकिन आज लोग आपको कॉमेडी के लिए जानते हैं। आप अपने इस सफर को कैसे देखते हैं?

राजपाल यादव : 1997, 1998 और 1999 में मैं इंडस्ट्री में बिल्कुल नया था । 2026 में भी मैं खुद को एक नया कलाकार ही मानता हूँ-बस अब एक 'पहचाना हुआ नया कलाकार' हूँ। मेरे लिए हर दिन एक नई शुरुआत है। कभी आप 'बैलून बिगिनर' की तरह शुरू करते हैं, कभी 'नून बिगिनर' की तरह, लेकिन ज़रूरी है कि आप शुरू करते रहें और आगे बढ़ते रहें।

प्रश्न : आपकी सादगी और स्थिरता की अक्सर तारीफ होती है। नई पीढ़ी को आप क्या सलाह देना चाहेंगे?

राजपाल यादव : मेरा मानना है कि हर इंसान,चाहे बच्चा हो, युवा हो या बुजुर्ग,खुद को एक बीज की तरह समझे।

जब आप खुद को बीज मानते हैं, तो आप हमेशा बढ़ने के लिए तैयार रहते हैं। जैसे ही आप सोचने लगते हैं कि “मैं एक बड़ा पेड़ बन गया हूँ,” आप सीखना बंद कर देते हैं। इसलिए मैं खुद को हमेशा एक बीज की तरह रखना पसंद करता हूँ,जो लगातार बढ़ना चाहता है।

प्रश्न :भूत बंगला हॉरर फिल्म है, लेकिन प्रियदर्शन कॉमेडी के लिए जाने जाते हैं। दर्शकों को क्या उम्मीद रखनी चाहिए?

राजपाल यादव : प्रियान जी का मानना है कि फिल्म में मनोरंजन सबसे ज़रूरी है। चाहे कॉमेडी हो या हॉरर, दर्शकों को फिल्म पसंद आनी चाहिए। भूत बंगला में हॉरर का बैकग्राउंड है, लेकिन इसमें थ्रिल और मनोरंजन भी भरपूर है। अंततः फिल्म का कॉन्सेप्ट ही असली हीरो है।

प्रश्न : आपके आने वाले प्रोजेक्ट्स जैसे Welcome to the Jungle और Haivaan के बारे में बताइए।

राजपाल यादव : हाँ, कई प्रोजेक्ट्स लाइन में हैं। इन फिल्मों के अलावा मैं एक अनटाइटल्ड प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहा हूँ, साथ ही 2–3 वेब सीरीज़ और वेब फिल्म्स भी कर रहा हूँ। कुल मिलाकर, अगले डेढ़ साल में लगभग एक दर्जन प्रोजेक्ट्स हैं, तो मैं काफी व्यस्त रहने वाला हूँ।

प्रश्न : दर्शकों के लिए आपका कोई अंतिम संदेश?

राजपाल यादव: बस 10 अप्रैल को भूत बंगला देखने जरूर आइए। मुझे यकीन है कि आपको फिल्म पसंद आएगी। आपके प्यार और समर्थन के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। -लिपिका वर्मा (स्वतंत्र फिल्म लेखिका)

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