

प्रख्यात कर्नाटक संगीत के तालवादक पार्थसारथी 6 नवंबर को सुबह करीब 7 बजे ‘दिवाली पहाट’ कार्यक्रम में लगभग एक घंटे से प्रस्तुति दे रहे थे, तभी अचानक मंच पर गिर पड़े।
बनेर पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक चंद्रशेखर सावंत ने बताया कि दर्शकों में मौजूद कई डॉक्टरों ने उनकी मदद करने की कोशिश की। उन्हें कार्डियक एंबुलेंस से मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सीपीआर दिया।
हालांकि, उन्हें बचाया नहीं जा सका और अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।
संगीतकार और गायक शंकर महादेवन ने पार्थसारथी के निधन पर दुख जताते हुए उन्हें बेहतरीन तालवादकों में से एक और असाधारण संगीतकार बताया।
सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट में महादेवन ने याद किया कि करीब 40 साल पहले उनके पहले कर्नाटक शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम में पार्थसारथी उनके साथ थे।
महादेवन ने कहा, “मुझे यह स्वीकार ही नहीं हो रहा। मेरे लिए और संगीत जगत के लिए यह बहुत बड़ा नुकसान है।”
उन्होंने पार्थसारथी को अपना प्रिय मित्र बताया, जिनके साथ उन्होंने संगीत, हास्य और हंसी के अनगिनत पल साझा किए थे।
महादेवन ने अपने मित्र के निधन की परिस्थितियों पर विशेष दुख जताते हुए कहा, “क्या आप कल्पना कर सकते हैं? इस दुनिया से विदा लेने का कितना अजीब तरीका!”