

आमतौर पर संयमित रहने वाले अमिताभ बच्चन ने सोमवार को भगवान कृष्ण की स्तुति में लिखे अपने संदेश को गलत तरीके से पेश करने पर एक मीडिया संस्थान को कड़ी फटकार लगाई। नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि उनके पांच करोड़ फॉलोअर्स में से 10 प्रतिशत लोग उनके इशारे पर जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं।
बच्चन ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि 29 अक्टूबर की उनकी पोस्ट केवल भगवान कृष्ण की वंदना थी। उन्होंने लिखा था, “गो ले आओ अपने हाथी, हम भी... हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की।”
हालांकि, एक मीडिया संस्थान ने इसे इस तरह पेश किया कि बच्चन अपने विरोधियों को चुनौती देते हुए कह रहे हैं कि हाथी और घोड़े लेकर आओ। इस पर अभिनेता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ भगवान कृष्ण की स्तुति में बोला जाने वाला जयकारा है। इसे गलत संदर्भ में छापना धार्मिक भावनाओं का अपमान और उनके शब्दों को जानबूझकर तोड़-मरोड़कर पेश करना है।
उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए लिखा, “मेरे पांच करोड़ फॉलोअर्स हैं। जिस दिन मैंने इशारा कर दिया, उनमें से केवल 10 प्रतिशत ही जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं।” उन्होंने कहा कि उनके शब्दों को जितना तोड़ा-मरोड़ा जाएगा, उनके फॉलोअर्स की प्रतिक्रिया देने की तैयारी उतनी ही बढ़ेगी।
84 वर्षीय अभिनेता सोशल मीडिया पर नियमित रूप से सक्रिय रहते हैं। वह अपने ब्लॉग, एक्स और इंस्टाग्राम पर रोजाना पोस्ट करते हैं। एक्स पर उनके 4.47 करोड़ और इंस्टाग्राम पर 3.62 करोड़ फॉलोअर्स हैं। वह अपने प्रशंसकों को विस्तारित परिवार यानी ‘ईएफ’ कहकर संबोधित करते हैं।
बच्चन हर रविवार मुंबई स्थित अपने आवास के बाहर जुटने वाले प्रशंसकों का अभिवादन करने भी पहुंचते हैं। रविवार को भी वह प्रशंसकों से मिलने बाहर आए, लेकिन इस बार बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे से उनका अभिवादन किया।
यह अतिरिक्त सुरक्षा 23 अक्टूबर को मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े को भेजे गए एक धमकी भरे ईमेल के बाद की गई। ईमेल में बच्चन के जुहू स्थित आवास और गायक दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट स्थल पर बम धमाके की धमकी दी गई थी।
पुलिस के अनुसार, ईमेल में 31 अक्टूबर को एक स्कूल पर ग्रेनेड हमले की चेतावनी भी दी गई थी। साथ ही बच्चन के जुहू स्थित घर ‘जलसा’ को 31 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच निशाना बनाने की धमकी दी गई थी। ईमेल में मुंबई के उपमहापौर संजय घाड़ी को भी शामिल किया गया था।