यह मेरे करियर के सर्वश्रेष्ठ किरदारों में से एक है : विराट कर्ण

विराट कर्ण ‘नागबंधम’ में अपने किरदार को करियर के सर्वश्रेष्ठ रोल्स में एक बताते हुए कहते हैं कि वे प्रभास की छवि से अलग, ‘पहला विराट’ बनकर हिंदी समेत सभी भाषाओं के दर्शकों के दिलों में जगह बनाना चाहते हैं
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दक्षिण भारतीय सिनेमा में पौराणिक फिल्मों की एक लंबी परंपरा रही है। आप ' नागबंधम' को एक भारतीय फिल्म के रूप में कैसे देखते हैं ?

विराट : हमारी पौराणिक कथाएं पूरे भारत की धरोहर हैं। ये कहानियां किसी एक क्षेत्र या भाषा तक सीमित नहीं हैं। चाहे वह तेलुगु हो, हिंदी हो या कोई अन्य भाषा, हमारी संस्कृति और पौराणिक विरासत सभी की साझा है। ' नागबंधम' भी ऐसी ही एक भारतीय कहानी है, जिसे देशभर के दर्शकों के लिए बड़े स्तर पर प्रस्तुत किया गया है।

इतने भव्य स्तर की कहानी का हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व की बात है।

अपने किरदार को लेकर क्या कहना चाहेंगे ?

विराट : यह कहानी में एक महत्वपूर्ण मोड़ लेकर आता है। मैं इतना जरूर कहूंगा कि यह मेरे करियर के सर्वश्रेष्ठ किरदारों में से एक है। हिंदी दर्शकों के लिए मेरी भूमिका काफी गहराई लिए हुए है। इसमें किरदार को एक नए और अधिक प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया गया है। इतने भव्य स्तर की कहानी का हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व की बात है।

' बाहुबली' और ' आरआरआर' जैसी फिल्मों ने यह साबित किया कि दर्शक इस तरह की भव्य कहानियों को पसंद करते हैं

पौराणिक फिल्मों के निर्माण में आज के समय में सबसे बड़ा बदलाव क्या आया है ?

विराट : सबसे बड़ा बदलाव तकनीक है। आज हमारे पास अत्याधुनिक वीएफएक्स तकनीक और बड़े बजट उपलब्ध हैं, जिससे हम इन कहानियों को पहले से कहीं अधिक भव्य और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत कर सकते हैं। ' बाहुबली' और ' आरआरआर' जैसी फिल्मों ने यह साबित किया कि दर्शक इस तरह की भव्य कहानियों को पसंद करते हैं और ऐसे प्रोजेक्ट्स के लिए रास्ता तैयार किया।

' नागबंधम' में वीएफएक्स की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण रही ?

विराट : फिल्म की दुनिया को जीवंत बनाने में वीएफएक्स की भूमिका बेहद अहम है। हमने विशेषज्ञों और अनुभवी तकनीशियनों के साथ काम किया, जिन्होंने निर्देशक की कल्पना को पर्दे पर उतारने में मदद की। हजारों लोगों की मेहनत इस फिल्म में शामिल है और इसका परिणाम दर्शकों को बड़े पर्दे पर देखने को मिलेगा।

फिल्म में एआई तकनीक का भी उपयोग किया गया है। इससे क्या फायदा हुआ ?

विराट : एआई का इस्तेमाल मुख्य रूप से प्री-विजुअलाइजेशन के लिए किया गया। पहले निर्देशक को अपनी कल्पना स्केच या शब्दों के जरिए समझानी पड़ती थी, जिससे कई बार गलतफहमियां हो जाती थीं। अब एआई की मदद से दृश्य पहले ही तैयार किए जा सकते हैं, जिससे पूरी टीम को निर्देशक की सोच बेहतर तरीके से समझ में आती है।

रचनात्मकता और कला का स्थान कोई मशीन नहीं ले सकती ।

कुछ लोगों का मानना है कि एआई फिल्म इंडस्ट्री में नौकरियां कम कर सकता है। आप क्या सोचते हैं?

विराट : हम एआई को एक सहायक उपकरण के रूप में देखते हैं, न कि किसी का विकल्प । फिल्म निर्माण एक सामूहिक प्रक्रिया है जिसमें हजारों लोग काम करते हैं । एआई केवल काम को आसान और अधिक प्रभावी बनाता है, लेकिन रचनात्मकता और कला का स्थान कोई मशीन नहीं ले सकती ।

नागबंधम' की तुलना ' बाहुबली' से की जा रही है। इस पर आपकी क्या राय है?

विराट : हम ' बाहुबली' का बहुत सम्मान करते हैं, लेकिन ' नागबंधम' अपनी अलग पहचान रखती है। हमारे टीज़र और ट्रेलर को दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। हमें विश्वास है कि यह फिल्म अपने अनूठे अनुभव के कारण दर्शकों के दिलों में जगह बनाएगी।

विराट, आप इस फिल्म मे बेहतरीन भूमिका निभा रहे हैं। अपने किरदार के बारे में कुछ बताइए।

विराट : मैं चाहूंगा कि दर्शक मेरे किरदार को सिनेमाघरों में जाकर ही जानें। उसके बारे में ज्यादा बताना फिल्म का रोमांच कम कर देगा।

मैं चाहता हूं कि लोग मुझे मेरे अपने नाम और पहचान से जानें

आपकी तुलना प्रभास से की जा रही है। आप इसे कैसे देखते हैं?

विराट : मैं प्रभास का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं, लेकिन मैं उनका अगला संस्करण नहीं बनना चाहता। मैं चाहता हूं कि लोग मुझे मेरे अपने नाम और पहचान से जानें। मैं ‘पहला विराट’ बनना चाहता हूं।

यदि भविष्य में हिंदी और तेलुगु फिल्मों के बीच चुनाव करना पड़े तो आप क्या चुनेंगे ?

विराट : मैं दोनों इंडस्ट्री में काम करना चाहूंगा। मेरे लिए भाषा से ज्यादा महत्वपूर्ण कहानी है।

मैं किसी भी इमेज से बाहर निकल सकता हूं

क्या आपको डर है कि एक दमदार किरदार निभाने के बाद आप टाइपकास्ट हो सकते हैं?

विराट : बिल्कुल नहीं। एक अभिनेता के रूप में मैं अलग-अलग तरह के किरदार निभाना चाहता हूं। मुझे विश्वास है कि मैं किसी भी इमेज से बाहर निकल सकता हूं और खुद को नए रूपों में प्रस्तुत कर सकता हूं।

मैं अपनी पसंद को प्राथमिकता देता हूं

आपके प्रशंसक आपकी दाढ़ी वाले और क्लीन-शेव दोनों लुक्स को पसंद करते हैं। आपकी पसंद क्या है?

विराट : मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि मैं खुद को किस रूप में सहज महसूस करता हूं। कुछ लोगों को दाढ़ी वाला लुक पसंद है, कुछ को क्लीन-शेव, लेकिन मैं अपनी पसंद को प्राथमिकता देता हूं।

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विराट कर्ण

विराट को दर्शकों से जबरदस्त प्यार मिल रहा है। आप इसे कैसे देखते हैं ?

विराट : यह बेहद खुशी की बात है। प्रमोशनल इवेंट्स के दौरान हमने देखा कि दर्शक और खासकर युवा वर्ग विराट के प्रति काफी उत्साहित हैं । यह उनके लिए एक शानदार शुरुआत है।

अंत में, हिंदी फिल्म दर्शकों के लिए आपका क्या संदेश है?

विराट : मैं अभी अपने सफर की शुरुआत कर रहा हूं। बस इतना कहना चाहूंगा कि मुझे अपना प्यार, समर्थन और आशीर्वाद देते रहें। मैं पूरी मेहनत से आपका मनोरंजन करने की कोशिश करता रहूंगा। -लिपिका वर्मा

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