कौन हैं रावलीन वर्गीस? विक्टोरिया’ज सीक्रेट फैशन शो में रैंप वॉक करने वाली पहली मलयाली मॉडल

केरल के छोटे से कस्बे से अंतरराष्ट्रीय फैशन मंच तक पहुंचीं 25 वर्षीय मॉडल, दो अलग-अलग लुक में बिखेरा जलवा
रावलीन वर्गीस ने विक्टोरिया’ज सीक्रेट फैशन शो में दो अलग-अलग लुक में रैंप वॉक किया।
रावलीन वर्गीस ने विक्टोरिया’ज सीक्रेट फैशन शो में दो अलग-अलग लुक में रैंप वॉक किया।
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अंतरराष्ट्रीय फैशन की दुनिया में भारतीय मॉडलों की पहचान लगातार बढ़ रही है। इसी कड़ी में केरल की 25 वर्षीय मॉडल रावलीन वर्गीस ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने 18 अक्टूबर को लॉस एंजिलिस में आयोजित विक्टोरिया’ज सीक्रेट फैशन शो में पहली बार रैंप वॉक किया। इस उपलब्धि के साथ वह इस शो में रैंप पर चलने वाली पहली मलयाली मॉडल बन गई हैं। शो में उन्होंने दो अलग-अलग लुक में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और अंतरराष्ट्रीय फैशन जगत का ध्यान खींचा।

केरल से शुरू हुआ सफर

रावलीन वर्गीस केरल के पथानामथिट्टा जिले के कोडुमोन की रहने वाली हैं। मॉडलिंग उनके बचपन का सपना नहीं था। वह डिजाइन की पढ़ाई करने के लिए दिल्ली आई थीं और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (एनआईएफटी) में पढ़ाई के दौरान 18 साल की उम्र में उन्हें मॉडलिंग का अवसर मिला। अनिमा क्रिएटिव मैनेजमेंट ने उन्हें मॉडलिंग के लिए चुना, जिसके बाद उनके करियर ने नई दिशा पकड़ी।

दो अलग-अलग लुक में आईं नजर

विक्टोरिया’ज सीक्रेट फैशन शो में रावलीन ने दो बार रैंप वॉक किया। पहली प्रस्तुति में वह गुलाबी रंग के लेस परिधान और हल्के रोब में नजर आईं। दूसरे लुक में उन्होंने काले रंग का लेस परिधान पहना, जिस पर सफेद कढ़ाई की गई थी। दोनों लुक में उनका अंदाज अलग था। इस शो में उन्होंने एड्रियाना लीमा, गीगी हदीद, बेला हदीद और काइली जेनर जैसी चर्चित हस्तियों के साथ मंच साझा किया। रावलीन के लिए यह उपलब्धि खास है, क्योंकि विक्टोरिया’ज सीक्रेट का रैंप दुनिया के चर्चित फैशन मंचों में गिना जाता है।

न्यूयॉर्क फैशन वीक में भी दिखा चुकी हैं हुनर

रावलीन का अंतरराष्ट्रीय करियर इस शो से पहले भी आगे बढ़ रहा था। उन्होंने 2022 में न्यूयॉर्क फैशन वीक में रैंप वॉक किया था। वह भारतीय डिजाइनर सब्यसाची के लिए भी मॉडलिंग कर चुकी हैं। इसके अलावा उनका काम फैशन, सौंदर्य और पत्रिकाओं से जुड़ी परियोजनाओं तक फैला है। उनकी विक्टोरिया’ज सीक्रेट में शुरुआत ऐसे समय में हुई है, जब भारतीय और भारतीय मूल की मॉडल अंतरराष्ट्रीय फैशन मंचों पर अपनी जगह मजबूत कर रही हैं। इस साल शो में ब्रिटिश-भारतीय मॉडल नीलम गिल भी शामिल हुईं, जिनकी यह लगातार तीसरी उपस्थिति थी।

अप्रत्याशित अवसर से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक

रावलीन की कहानी इस बात का उदाहरण है कि करियर की शुरुआत हमेशा तय योजना के मुताबिक नहीं होती। डिजाइन की पढ़ाई के लिए दिल्ली आने के बाद मिला मॉडलिंग का अवसर उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक ले गया। आज उनका नाम दुनिया के चर्चित फैशन शो में शामिल हो चुका है। विक्टोरिया’ज सीक्रेट फैशन शो में उनकी शुरुआत न केवल उनके करियर का अहम पड़ाव है, बल्कि केरल से आने वाली नई प्रतिभाओं के लिए भी प्रेरणादायक उपलब्धि है।

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