

एक बैकस्टेज डांसर से टेलीविजन की सबसे पसंदीदा हस्तियों में शामिल होने तक के अपने सफर को आप कैसे देखती हैं ?
गीता कपूर : सच कहूं तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं टेलीविजन पर आऊंगी या रियलिटी शो जज करूंगी। उस समय मेरी प्राथमिकता सिर्फ अपने परिवार का सहारा बनना और रोज़ी-रोटी कमाना थी। फिर 2008 में किसी ने मुझमें संभावनाएं देखीं और विश्वास किया कि मैं कुछ बड़ा कर सकती हूं। उसके बाद मैंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। मैं खुद को बेहद भाग्यशाली मानती हूं। शायद मैं कुछ सही कर रही हूं क्योंकि पिछले लगभग सोलह वर्षों से दर्शकों का प्यार लगातार मिलता रहा है। यह एक खूबसूरत यात्रा रही है।
अगर आपको डांस को एक शब्द में परिभाषित करना हो, तो वह क्या होगा?
गीता कपूर : मुझे नहीं लगता कि मैं डांस को सिर्फ एक शब्द में परिभाषित कर सकती हूं, क्योंकि जीवन के अलग-अलग पड़ावों पर इसका मतलब मेरे लिए अलग-अलग रहा है। जब मुझे सहारे की जरूरत थी, तब डांस मेरा सबसे अच्छा दोस्त बना। जीवन के खुशहाल दौर में इसी ने मुझे पहचान और प्रसिद्धि दी। डांस मेरा साथी, मेरी ताकत, मेरा पेशा और मेरा जुनून रहा है। इसलिए एक शब्द इसके लिए काफी नहीं है।
डांस के साथ आपको नाम और शोहरत भी मिली। आप इस सफलता को कैसे देखती हैं?
गीता कपूर : बहुत से लोग डांस से दोस्ती करते हैं, लेकिन हर किसी को शोहरत नहीं मिलती। हममें से जो लोग डांस के साथ-साथ पहचान और प्यार पाने में सफल रहे हैं, वे वास्तव में भाग्यशाली हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि मुझे लोगों का अपार स्नेह मिला है। आजकल सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को अक्सर ट्रोलिंग ज्यादा और आशीर्वाद कम मिलता है, लेकिन मुझे सौभाग्य से लोगों का प्यार और दुआएं कहीं ज्यादा मिली हैं। इसके लिए मैं दिल से शुक्रगुजार हूं।
वर्षों से दर्शकों ने मुझे जो प्यार और अपनापन दिया है, उसके लिए मैं बेहद आभारी हूं।
कोई भी डांस रियलिटी शो आपके बिना अधूरा सा लगता है। इस बारे में आप क्या कहना चाहेंगी ?
गीता कपूर : मुझे उम्मीद है कि यह सच है और मैं चाहती हूं कि यह एहसास लंबे समय तक बना रहे। यह सुनकर बहुत अच्छा लगता है। वर्षों से दर्शकों ने मुझे जो प्यार और अपनापन दिया है, उसके लिए मैं बेहद आभारी हूं।
‘इंडियाज़ बेस्ट डांसर सीज़न 5’ के बारे में बताइए। दर्शकों को इस बार क्या नया देखने को मिलेगा?
गीता कपूर : यह ‘इंडियाज़ बेस्ट डांसर’ का पांचवां सीज़न है और यह बेहद खास होने वाला है। इस बार हमारे साथ चार जज हैं और जावेद जाफरी भी पैनल का हिस्सा बने हैं । यह शो अलग-अलग पीढ़ियों के उन गीतों का जश्न मनाएगा जिन्हें आप पसंद करते हैं, जिन्हें मैं पसंद करती हूं और जिन्हें आज की युवा पीढ़ी शायद पहली बार नए अंदाज़ में देखेगी। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से लोग समझ पाएंगे कि आखिर ये गाने इतने यादगार क्यों हैं। यह शो भावनात्मक रूप से दर्शकों से जुड़ेगा। डांस आपका ध्यान खींचेगा, लेकिन उसकी भावनाएं और नॉस्टेल्जिया आपके दिल को छू जाएंगे।
आज का डांस पहले की तुलना में काफी बदल चुका है। आप इस बदलाव को कैसे देखती हैं?
गीता कपूर : भारतीय डांस हमेशा से विभिन्न शैलियों का संगम रहा है। बॉलीवुड डांस स्वयं शास्त्रीय, लोक और अंतरराष्ट्रीय प्रभावों का खूबसूरत मिश्रण है। आज के डांसर पश्चिमी डांस फॉर्म्स से अधिक प्रभावित हैं और उन्होंने उन्हें अपनी प्रस्तुतियों का हिस्सा बना लिया है। यह बदलाव अच्छी बात है, लेकिन इस सीज़न में हम उस भावनात्मक जुड़ाव को वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं जो कभी गीतों और कहानियों के साथ हुआ करता था। आज हम तकनीकी परफेक्शन पर बहुत ध्यान देते हैं, लेकिन कभी-कभी यह भूल जाते हैं कि डांस सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि भावनाओं का माध्यम भी है। दर्शकों के साथ जुड़ाव और यादें छोड़ जाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
इस सीज़न में एक जज के रूप में आप क्या तलाशेंगी?
गीता कपूर : मैं हमेशा नए विचारों और नवीनता की सराहना करती हूं। लेकिन इस बार मैं यह नहीं चाहती कि प्रतिभागी हर चीज़ को पूरी तरह बदल दें। मैं चाहती हूं कि वे किसी पुराने गाने, पुराने अंदाज़ या जानी-पहचानी धुन को अपनी ताजगी के साथ प्रस्तुत करें। उसकी आत्मा को बरकरार रखें, लेकिन उसमें अपनी पहचान भी जोड़ें। मैं उसी संतुलन की तलाश में हूं।
आज की पीढ़ी के डांसर बेहद प्रतिभाशाली और प्रतिस्पर्धी हैं। ऐसे में उन्हें जज करना कितना कठिन होता है?
गीता कपूर : मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज़ ईमानदारी है। मैं उनकी प्रस्तुति का ईमानदारी से मूल्यांकन करूंगी और उम्मीद करती हूं कि वे भी आलोचना और सुझावों को खुले मन से स्वीकार करेंगे। सुधार तभी संभव है जब आप सीखने के लिए तैयार हों। मैं चाहती हूं कि वे मंच पर पूरी सच्चाई और दिल से प्रदर्शन करें। अगर वे ऐसा करेंगे, तो मैं भी उन्हें पूरी ईमानदारी से फीडबैक दूंगी।
क्या इस सीज़न में दर्शकों को कुछ चौंकाने वाली प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी?
गीता कपूर : बिल्कुल। अब तक जो हमने शूट किया है, उसमें कई शानदार प्रस्तुतियां देखने को मिली हैं।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि कुछ ऐसे गीतों पर भी डांस तैयार किए गए हैं जिनके बारे में किसी ने कभी सोचा नहीं था कि उन पर इतनी खूबसूरत कोरियोग्राफी हो सकती है। प्रतिभागियों ने गीतों की मूल भावना को बरकरार रखते हुए उन्हें एक नया रूप दिया है। दर्शक डांस के साथ-साथ संगीत का भी भरपूर आनंद लेने वाले हैं।
क्या इस बार प्रतिभागियों को टीमों में बांटा जाएगा?
गीता कपूर : नहीं। हमारे टॉप 12 प्रतिभागी पहले से चुने जा चुके हैं और वे अपने-अपने गुरुओं के साथ काम कर रहे हैं।
दर्शकों को 12 शानदार डांसर और 12 बेहतरीन गुरु देखने को मिलेंगे। कुछ गुरु जाने-पहचाने चेहरे हैं और कुछ नए। यह सफर बेहद मजेदार होने वाला है।
क्या जजों के बीच मतभेद भी देखने को मिलेंगे?
गीता कपूर : बिल्कुल! हर जज की अपनी अलग सोच और दृष्टिकोण होता है। टेरेंस तकनीकी शुद्धता, सफाई और परफेक्शन पर बहुत ध्यान देते हैं। मैं भी हमेशा अपनी राय खुलकर रखती हूं। अब तो लोग कहते हैं कि मैं पहले से ज्यादा सख्त और स्पष्ट हो गई हूं। इसलिए स्वाभाविक है कि कई बार हमारे विचार अलग होंगे। लेकिन यही विविधता प्रतिभागियों के लिए फायदेमंद होती है क्योंकि उन्हें अलग-अलग नजरिए से सीखने का मौका मिलता है।
प्रतिभागी आपको प्यार से ‘गीता मां’ कहते हैं। इस संबोधन को आप कैसे देखती हैं?
गीता कपूर : मैं इसे एक आशीर्वाद मानती हूं। लेकिन इसके साथ बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी आती है। जब लोग आपको उस नजर से देखते हैं, तो आपको उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करनी पड़ती है। मैं बस यही उम्मीद करती हूं कि मैं उस जिम्मेदारी को अच्छी तरह निभा रही हूं।
जब कोई प्रतिभागी शो से बाहर हो जाता है तो आप अक्सर भावुक हो जाती हैं। ऐसा क्यों?
गीता कपूर : क्योंकि मैं मेहनत की कीमत समझती हूं।
जब कोई व्यक्ति अपने सपने के लिए पूरी मेहनत करता है और फिर भी मंजिल तक नहीं पहुंच पाता, तो दुख होता है। खासकर तब, जब आपको उसकी प्रतिभा और क्षमता साफ दिखाई देती हो ।
कभी वोटिंग की वजह से, तो कभी किसी एक कमजोर प्रदर्शन की वजह से प्रतिभागी बाहर हो जाते हैं। ऐसे में दिल दुखता है। मुझे लगता है कि आज भी कुछ रियलिटी शो ऐसे हैं जहां इंसानी रिश्ते और भावनाएं जीवित हैं। सोशल मीडिया के दौर में यह चीज़ें कम होती जा रही हैं।
इस सीज़न में जावेद जाफरी जज के रूप में शामिल हुए हैं। आप इसे कैसे देखती हैं?
गीता कपूर : सच कहूं तो मैं थोड़ी नर्वस हूं। उनके पास ज्ञान और अनुभव का अथाह भंडार है। डांस, इंडस्ट्री और रियलिटी टेलीविजन को लेकर उनकी समझ बेहद व्यापक है। कई मायनों में वह हम सभी के लिए गुरु जैसे हैं। बस मेरी यही कोशिश रहेगी कि कहीं वह हमें जज करना न शुरू कर दें! (हंसते हुए) लेकिन मैं बेहद खुश हूं कि उन्होंने इस शो का हिस्सा बनने के लिए हां कहा।
क्या आपने फिल्मों के लिए कोरियोग्राफी करना छोड़ दिया है?
गीता कपूर : मैं कभी ‘कभी नहीं’ नहीं कहती, लेकिन फिलहाल यह मेरा सोच-समझकर लिया गया फैसला है।
मुझे लगता है कि अगर मेरे पास कुछ नया देने के लिए नहीं है, तो मैं वही चीज़ बार-बार दोहराना नहीं चाहती। जिस दिन मुझे लगेगा कि मैं कुछ ताज़ा और अलग लेकर आ सकती हूं, मैं जरूर वापसी करूंगी।
क्या आप अभी भी अपनी गुरु फराह खान के संपर्क में हैं?
गीता कपूर : बिल्कुल। वह इन दिनों काफी व्यस्त हैं, लेकिन हम मिलते रहते हैं और संपर्क में हैं। मुझे यह देखकर बहुत खुशी होती है कि वह आज जो काम कर रही हैं, खासकर यूट्यूब पर, उसमें शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। मुझे उन पर गर्व है।
अपने प्रशंसकों और दर्शकों के लिए कोई संदेश?
गीता कपूर : इंडियाज़ बेस्ट डांसर सीज़न 5 एक वादा लेकर आ रहा है-आपके दिलों को एक बार फिर छूने का । हम भावनाएं, यादें, संगीत और वह जुड़ाव वापस ला रहे हैं जो डांस को इतना खास बनाता है। इसलिए शो जरूर देखिए और इस खूबसूरत सफर का हिस्सा बनिए।
-लिपिका वर्मा