गौरी खान ने युवा डिजाइनर्स को दिया फैशन मंत्र

Gauri Khan
गौरी खान ने युवा डिजाइनर्स को दिया फैशन मंत्र Lipika
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मुंबई : एनआईएफ ग्लोबल की मेंटर और प्रसिद्ध इंटीरियर डिज़ाइनर गौरी ख़ान ने हाल ही में अंधेरी प्लेटिनम सेंटर का दौरा किया। किसी अकादमिक डिज़ाइन कैंपस में उनका पहला इंटरैक्शन रहा। इस खास मौके पर अंधेरी, बांद्रा और ठाणे कैंपस के छात्र एक साथ जुड़े, जहां उन्हें एक सामान्य गेस्ट सेशन से कहीं आगे बढ़कर सीखने और समझने का अवसर मिला।

इस दौरान गौरी खान ने छात्रों के साथ करीब से बातचीत की, उनके प्रोजेक्ट्स और क्रिएटिव वर्क को समझा और डिज़ाइन को एक क्रिएटिव के साथ-साथ प्रोफेशनल डिसिप्लिन के रूप में देखने का अपना नजरिया साझा किया। इस कार्यक्रम में डायरेक्टर विवेक गौतम, सेंटर हेड ममता गौतम और एनआईएफ ग्लोबल कॉर्पोरेट टीम से तिशा खोसला भी मौजूद रहीं।

अपने विज़िट के दौरान उन्होंने कैंपस का दौरा किया, स्टूडेंट इंस्टॉलेशन्स और स्टूडियो वर्क देखा, साथ ही विभिन्न स्पेशलाइज़ेशन के छात्रों से बातचीत की। उन्होंने कुछ चुनिंदा पोर्टफोलियो भी रिव्यू किए और डिज़ाइन थिंकिंग, एक्जिक्यूशन और इंडस्ट्री की बदलती जरूरतों पर विस्तार से चर्चा की।

इस विज़िट का मुख्य आकर्षण इंटरैक्टिव सेशन रहा, जहां छात्रों को सीधे सवाल पूछने और डिज़ाइन इंडस्ट्री की वास्तविकताओं को समझने का मौका मिला। इस दौरान गौरी खान ने कहा कि आज के दौर में लग्ज़री बहुत पर्सनल हो गई है और कम्फर्ट से जुड़ी होती है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके डिज़ाइन प्रोसेस की शुरुआत हमेशा क्लाइंट की जरूरतों को समझने से होती है और वे न्यूट्रल पैलेट्स व टाइमलेस एस्थेटिक्स को प्राथमिकता देती हैं, जो ट्रेंड्स से परे टिकाऊ होते हैं।

इस कार्यक्रम में छात्रों की उपलब्धियों को भी सराहा गया, जिसमें लैक्मे फैशन वीक के विनर्स और विभिन्न विभागों के टॉप परफॉर्मिंग स्टूडेंट्स को उनके प्रदर्शन और निरंतरता के आधार पर सम्मानित किया गया।

अपने अनुभव साझा करते हुए गौरी खान ने कहा, “यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि छात्र अपने काम में कितनी क्रिएटिविटी और सोच लेकर आ रहे हैं। उनकी एक्सपेरिमेंट करने की इच्छा और सीखने की लगन काबिल-ए-तारीफ है। ऐसे प्लेटफॉर्म्स युवाओं को अपने आइडियाज़ व्यक्त करने और रियल वर्ल्ड में डिज़ाइन को समझने का आत्मविश्वास देते हैं।”

सेंटर हेड ममता गौतम ने कहा, “हम मानते हैं कि असली सीख एक्सपोज़र और रियल-वर्ल्ड इंटरैक्शन से आती है। गौरी खान का हमारे छात्रों के साथ यह सीधा संवाद उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा, जिससे उनका आत्मविश्वास और सोच दोनों मजबूत होते हैं।” वहीं डायरेक्टर विवेक गौतम ने कहा, “हमारा उद्देश्य हमेशा ऐसा माहौल तैयार करना रहा है जहां छात्र सिर्फ डिज़ाइन सीखें नहीं, बल्कि इंडस्ट्री में लीड करने के लिए तैयार हों। ऐसे इंटरैक्शन एजुकेशन और प्रोफेशनल वर्ल्ड के बीच की दूरी को कम करते हैं।” -लिपिका वर्मा

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