बेंगलुरु और कनाडा के वैंकूवर एयरपोर्ट्स में समझौता

बेंगलुरु और कनाडा के वैंकूवर एयरपोर्ट के बीच समझौता, दोनों शहरों के बीच सीधी उड़ान शुरू करने की तैयारी
बेंगलुरु और कनाडा के वैंकूवर एयरपोर्ट्स में समझौता
Published on: 

भारत और कनाडा के बीच विमानन, व्यापार और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और कनाडा के वैंकूवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने शुक्रवार को ‘सिस्टर एयरपोर्ट’ समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इस समझौते का उद्देश्य दक्षिण भारत और पश्चिमी कनाडा के बीच परिचालन, तकनीक, आर्थिक सहयोग और हवाई सेवाओं के संबंधों को मजबूत करना है।

अधिकारियों के अनुसार, समझौते पर कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मैनिंदर सिद्धू और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए।

गलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन करने वाली कंपनी बैंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (BIAL) के अनुसार, समझौता दोनों हवाई अड्डों के बीच सात प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग का खाका तैयार करता है।

इसमें परिचालन सुधारने के लिए तकनीक और नवाचार का इस्तेमाल, डिजिटल प्लेटफॉर्म का विकास और नई तकनीकों का परीक्षण शामिल है।

दोनों हवाई अड्डे वैंकूवर एयरपोर्ट के ‘डिजिटल ट्विन’ पर भी सहयोग की संभावनाएं तलाशेंगे। डिजिटल ट्विन किसी वास्तविक सुविधा या प्रणाली की डिजिटल प्रतिकृति होती है, जिसका उपयोग निगरानी, विश्लेषण और परिचालन में सुधार के लिए किया जा सकता है।

इसके अलावा, दोनों हवाई अड्डों की टीमें नई तकनीकों और संयुक्त पायलट परियोजनाओं को विकसित करने या उनका परीक्षण करने की संभावनाओं पर भी काम करेंगी।

इस समझौते का एक प्रमुख उद्देश्य बेंगलुरु और वैंकूवर के बीच सीधी हवाई सेवा शुरू करने की दिशा में काम करना है।

BIAL के बयान के मुताबिक, समझौते से दक्षिण भारत और कनाडा के बीच हवाई कार्गो यानी विमान के जरिए माल ढुलाई को भी बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। विशेष रूप से दोनों क्षेत्रों के तेजी से बढ़ते प्रौद्योगिकी उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा।

समझौते को केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-2 में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान औपचारिक रूप दिया गया। इस अवसर पर दोनों हवाई अड्डों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ भारत में कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर, बेंगलुरु में कनाडा के महावाणिज्यदूत रयान वार्ड और मंत्री मैनिंदर सिद्धू मौजूद रहे।

वैंकूवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नवाचार उपाध्यक्ष और मुख्य सूचना अधिकारी अल्बर्ट वान वीन ने कहा कि यह समझौता भारत-कनाडा व्यापार और संपर्क गलियारे के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि यात्रियों, माल ढुलाई और व्यापार की जरूरतों को पूरा करने के लिए विमानन क्षेत्र में मजबूत सहयोग आवश्यक है।

उनके मुताबिक, दोनों हवाई अड्डे यात्रियों के सफर को बेहतर बनाने के साथ परिचालन दक्षता और चुनौतियों से निपटने की क्षमता बढ़ाने के तरीकों पर काम करेंगे। इससे दोनों देशों के बीच यात्रा और व्यापार में होने वाली वृद्धि को भी समर्थन मिलेगा।

BIAL के मुख्य परिचालन अधिकारी गिरिश नायर ने कहा कि यह रणनीतिक साझेदारी वैश्विक मानकों के आधार पर तकनीकी एकीकरण और परिचालन उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करेगी।

उन्होंने बताया कि दोनों हवाई अड्डे स्मार्ट एयरपोर्ट तकनीक, डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया, टिकाऊ परिचालन और टर्मिनल प्रबंधन के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा करेंगे। इसका लक्ष्य दक्षता, परिचालन की विश्वसनीयता और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना है।

BIAL के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार का मूल्य 10.9 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा। दोनों देशों की सरकारें आने वाले वर्षों में व्यापार को काफी बढ़ाने की दिशा में काम कर रही हैं।

कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में वैंकूवर स्थित है। इस प्रांत में भारतीय मूल के करीब पांच लाख लोग रहते हैं, जो इसकी कुल आबादी का लगभग 10 प्रतिशत हैं। यह दुनिया के प्रमुख भारतीय प्रवासी समुदायों में से एक है।

वहीं, बेंगलुरु की आबादी में तेजी से वृद्धि हुई है। शहर का प्रौद्योगिकी क्षेत्र भी तेजी से विकसित हुआ है और पश्चिमी कनाडा तथा पश्चिमी अमेरिका के साथ कारोबारी संबंध मजबूत हुए हैं।

कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मैनिंदर सिद्धू ने कहा कि यह समझौता भारत के साथ कनाडा के व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने में मदद करेगा।

उन्होंने कहा कि कनाडा भारत जैसे साझेदार देशों के साथ अपने व्यापारिक संबंधों का विस्तार करने के लिए तेजी से काम कर रहा है।

सिद्धू के मुताबिक, वैंकूवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 2025 में हवाई कार्गो की मात्रा में 7.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ हुआ यह समझौता दुनिया के तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक भारत के साथ सीधी हवाई सेवा की दिशा में आधार तैयार करता है।

उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ने के साथ-साथ लोगों के बीच संबंध भी मजबूत होंगे।

क्या होगा फायदा?

  • बेंगलुरु और वैंकूवर के बीच सीधी उड़ान शुरू करने की संभावनाओं को बल मिलेगा।

  • भारत और कनाडा के बीच माल ढुलाई और व्यापार को बढ़ावा मिल सकता है।

  • डिजिटल तकनीक और स्मार्ट एयरपोर्ट प्रणालियों के इस्तेमाल में सुधार होगा।

  • यात्रियों की सुविधा, परिचालन दक्षता और दोनों देशों के बीच कारोबारी संपर्क मजबूत हो सकते हैं।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in