एसबीआई सॉफ्टवेयर पर ईसाई आदिवासियों को सामान्य बताने का आरोप

एसबीआई सॉफ्टवेयर पर ईसाई आदिवासियों को सामान्य बताने का आरोप

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ईटानगर :

अरुणाचल क्रिश्चियन फोरम (ACF) ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के डिजिटल बैंकिंग और ग्राहक पंजीकरण सिस्टम में कथित तकनीकी खामी को लेकर आपत्ति जताई है। फोरम का आरोप है कि बैंक के एप्लिकेशन और ग्राहक ऑनबोर्डिंग/केवाईसी सिस्टम में धर्म के रूप में ‘Christian’ चुनने पर अनुसूचित जनजाति (ST) की श्रेणी का विकल्प उपलब्ध नहीं रहता और ग्राहक को स्वतः ‘General’ श्रेणी की ओर निर्देशित किया जाता है। ACF ने 5 अक्टूबर को SBI के क्षेत्रीय प्रबंधक, क्षेत्रीय कार्यालय, ईटानगर को इस संबंध में लिखित प्रतिवेदन सौंपा। फोरम ने बैंक से इस कथित सॉफ्टवेयर समस्या की तत्काल जांच करने और आवश्यक तकनीकी सुधार करने की मांग की है। ACF के मुताबिक, यह समस्या SBI के डिजिटल बैंकिंग एप्लिकेशन, जिसमें YONO भी शामिल है, में दिखाई दे रही है।

धर्म और ST श्रेणी को अलग रखने की मांग

फोरम ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास वैध ST प्रमाणपत्र है, तो केवल उसके धर्म के आधार पर उसे ‘General’ श्रेणी में वर्गीकृत नहीं किया जाना चाहिए। ACF ने इसे संभावित रूप से भेदभावपूर्ण बताते हुए कहा कि बैंक किसी वैध ST प्रमाणपत्र वाले आदिवासी ईसाई ग्राहक की जनजातीय स्थिति समाप्त करने का अधिकार नहीं रखता। संगठन ने संविधान (अनुसूचित जनजातियां) आदेश, 1950 का हवाला देते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश में अनुसूचित जनजातियों की सूची संवैधानिक प्रावधानों के तहत निर्धारित है और किसी व्यक्ति की जनजातीय स्थिति को केवल उसके धर्म के आधार पर समाप्त करने का प्रावधान नहीं बताया गया है।

आरबीआई के निर्देश की मांगी जानकारी

ACF ने SBI से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि क्या इस तरह के वर्गीकरण के पीछे कोई वैधानिक, नियामकीय या भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का निर्देश है। संगठन ने बैंक से संबंधित नियम या निर्देश की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। फोरम का कहना है कि यदि ऐसा कोई नियामकीय प्रावधान नहीं है, तो SBI को अपने सॉफ्टवेयर की लॉजिक में तत्काल बदलाव करना चाहिए, ताकि धर्म और ST स्थिति को एक-दूसरे से अलग-अलग दर्ज किया जा सके। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश की सभी SBI शाखाओं को इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।

15 दिन का अल्टीमेटम

ACF ने SBI को समस्या के समाधान के लिए 15 दिन का समय दिया है। संगठन ने मांग की है कि बैंक इस अवधि के भीतर जांच पूरी कर सुधारात्मक कार्रवाई की जानकारी दे। मांग पूरी नहीं होने पर फोरम ने अरुणाचल प्रदेश में SBI की शाखाओं के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब अरुणाचल प्रदेश में आदिवासी पहचान, ST दर्जे और धर्म के बीच संबंध को लेकर सार्वजनिक बहस पहले से जारी है। मई 2026 में ACF ने धर्म के आधार पर आदिवासी समुदायों का ST दर्जा समाप्त करने की मांग का भी विरोध किया था। हालांकि, मौजूदा मामले में SBI की ओर से इस आरोप पर कोई सार्वजनिक स्पष्टीकरण या सॉफ्टवेयर में ऐसी व्यवस्था की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं मिली है। इसलिए फिलहाल यह मामला ACF की शिकायत और उसके द्वारा बताए गए सॉफ्टवेयर व्यवहार पर आधारित है।
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