भारतीय प्रतिभूतियों में अमेरिकी निवेश 2025 में बढ़कर 390 अरब डॉलर पर

2015 के 130 अरब डॉलर से 2025 में 390 अरब डॉलर तक की छलांग, भारतीय प्रतिभूतियों में अमेरिकी पूंजी प्रवाह में लगातार तेजी
भारत अमेरिकी पोर्टफोलियो निवेश वाले 30 देशों की सूची में 12वें स्थान पर रहा।
भारतीय प्रतिभूतियों में अमेरिकी निवेश 2025 में बढ़कर 390 अरब डॉलर पर
Published on

वाशिंगटन : भारतीय प्रतिभूतियों में अमेरिकी निवेश के मूल्य में एक दशक में तीन गुना वृद्धि हुई है। यह 2025 में बढ़कर करीब 390 अरब डॉलर हो गया, जो 2015 में 130 अरब डॉलर था। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के आंकड़ों से यह जानकारी मिली।

भारत 30 देशों में 12वें स्थान पर

आंकड़ों के अनुसार, भारत अमेरिकी पोर्टफोलियो निवेश वाले 30 देशों की सूची में 12वें स्थान पर रहा। अमेरिकी निवेशकों का सबसे अधिक निवेश केमैन द्वीप में 3,073 अरब डॉलर रहा। इसके बाद ब्रिटेन में 2,007 अरब डॉलर, कनाडा में 1,886 अरब डॉलर, जापान में 1,483 अरब डॉलर और आयरलैंड में 1,182 अरब डॉलर की होल्डिंग रही।

अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने सोमवार को वर्ष 2025 के अंत में विदेशी प्रतिभूतियों में अमेरिकी निवेश के वार्षिक सर्वेक्षण के प्रारंभिक आंकड़े जारी किए हैं। यह सर्वेक्षण अमेरिकी वित्त विभाग, फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ न्यूयॉर्क और फेडरल रिजर्व सिस्टम के संचालन बोर्ड ने संयुक्त रूप से किया।

2025 के अंत में भारतीय इक्विटी में अमेरिकी निवेश 380 अरब डॉलर

सर्वेक्षण के मुताबिक, 2025 के अंत में विदेशी प्रतिभूतियों में अमेरिकी निवेश का कुल बाजार मूल्य करीब 19,300 अरब डॉलर था। इसमें 15,300 अरब डॉलर विदेशी इक्विटी, 3,600 अरब डॉलर दीर्घकालिक ऋण प्रतिभूतियों और 400 अरब डॉलर अल्पकालिक ऋण प्रतिभूतियों में थे। सर्वेक्षण के अनुसार, 2024 के अंत में अमेरिकी निवेशकों का विदेशी प्रतिभूतियों में कुल निवेश 15,800 अरब डॉलर था। सर्वेक्षण में कहा गया है कि 2025 के अंत में भारतीय इक्विटी में अमेरिकी निवेश 380 अरब डॉलर था, जो एक साल पहले 373 अरब डॉलर था। वहीं, भारतीय दीर्घकालिक ऋण प्रतिभूतियों में अमेरिकी निवेश 10 अरब डॉलर से बढ़कर 11 अरब डॉलर हो गया।

इस निवेश में एफडीआई शामिल नहीं

ये आंकड़े अमेरिकी निवेशकों के पास मौजूद भारतीय प्रतिभूतियों के बाजार मूल्य को दर्शाते हैं। इनमें कारखानों, बुनियादी ढांचे या अन्य भौतिक परिसंपत्तियों में किया गया प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) शामिल नहीं है। वहीं, चीन की प्रतिभूतियों में अमेरिकी निवेश का मूल्य 318 अरब डॉलर है। इसमें 300 अरब डॉलर चीन के शेयरों में और 17 अरब डॉलर दीर्घकालिक चीनी ऋण प्रतिभूतियों में लगाए गए हैं।

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in