

नई दिल्ली : भारत में डिजिटल भुगतान का सबसे लोकप्रिय माध्यम यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने अगस्त में नया रिकॉर्ड बनाया। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 में UPI लेनदेन की संख्या पहली बार 24 अरब के आंकड़े को पार करते हुए 24.51 अरब पहुंच गई। जुलाई में 23.66 अरब लेनदेन हुए थे। इस तरह मासिक आधार पर लेनदेन की संख्या में 3.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
सालाना आधार पर भी UPI लेनदेन में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई। अगस्त 2025 में 20.01 अरब लेनदेन की तुलना में इस साल अगस्त में संख्या 22 प्रतिशत अधिक रही। हालांकि, लेनदेन की संख्या बढ़ने के बावजूद कुल मूल्य में मासिक आधार पर मामूली गिरावट आई। अगस्त में UPI के जरिए 29.82 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन हुए, जो जुलाई के 29.88 लाख करोड़ रुपये से 0.2 प्रतिशत कम है। वहीं, अगस्त 2025 के 24.85 लाख करोड़ रुपये की तुलना में यह करीब 20 प्रतिशत अधिक है।
अगस्त में UPI के जरिए रोजाना औसतन 79.06 करोड़ लेनदेन हुए, जबकि जुलाई में यह आंकड़ा 76.32 करोड़ और एक साल पहले 64.55 करोड़ था। यानी अगस्त 2025 की तुलना में हर दिन औसतन करीब 14.5 करोड़ अधिक लेनदेन हुए। हालांकि, रोजाना औसत लेनदेन मूल्य मामूली घटकर करीब 96,194 करोड़ रुपये रहा, जो जुलाई में 96,383 करोड़ रुपये था। आंकड़े बताते हैं कि भारत में डिजिटल भुगतान का विस्तार लगातार तेज हो रहा है और UPI लेनदेन की संख्या नए स्तर पर पहुंच रही है।