

नई दिल्ली : केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 19 से 21 अगस्त तक सिंगापुर के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। यात्रा के दौरान वह भारत-सिंगापुर मंत्रीस्तरीय गोलमेज (ISMR) की चौथी बैठक में हिस्सा लेने के साथ सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से भी मुलाकात करेंगे।
20 अगस्त को होने वाली ISMR बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी शामिल होंगे। दोनों देशों के मंत्री उन्नत विनिर्माण, डिजिटल क्षेत्र, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, कौशल विकास और सतत विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
बैठक के साथ चौथा भारत-सिंगापुर बिजनेस राउंडटेबल भी आयोजित होगा। इसके बाद समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। करीब 70 वरिष्ठ भारतीय कारोबारी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल भी गोयल के साथ सिंगापुर पहुंच रहा है। इसमें तकनीक, एआई, विनिर्माण, वित्तीय सेवाएं, स्वास्थ्य, कृषि, लॉजिस्टिक्स और समुद्री क्षेत्र समेत कई उद्योगों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
गोयल सिंगापुर में कई प्रमुख कंपनियों और निवेश संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। इनमें टेमासेक होल्डिंग्स, केपेल इंफ्रास्ट्रक्चर, आईएचएच हेल्थकेयर और अन्य प्रमुख संस्थान शामिल हैं। पारिवारिक कार्यालयों के साथ भी राउंडटेबल बैठक होगी। गोयल सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वह भारत-सिंगापुर बिजनेस फोरम में ‘नए वैश्विक विकास समीकरण में भारत’ विषय पर चर्चा करेंगे।
भारत के कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए गोयल सिंगापुर के मंत्री गैन सिओ हुआंग के साथ APEDA-फेयरप्राइस पहल का भी दौरा करेंगे। इसका उद्देश्य सिंगापुर के खुदरा बाजार में भारतीय कृषि और खाद्य उत्पादों की पहुंच बढ़ाना है।
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में सिंगापुर भारत में 19.8 अरब डॉलर के एफडीआई के साथ सबसे बड़ा विदेशी निवेश स्रोत रहा। अप्रैल 2000 से मार्च 2026 तक सिंगापुर से भारत में कुल एफडीआई प्रवाह 194.68 अरब डॉलर रहा। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार भी बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 36.1 अरब डॉलर हो गया है, जो 2004-05 में 6.7 अरब डॉलर था। गोयल की यात्रा का समापन 21 अगस्त को मरीना बे सैंड्स में ICAI ASEAN Conference 2026 में उनके मुख्य संबोधन के साथ होगा।