TVS परिवार में संपत्ति बंटवारे पर विवाद, मल्लिका और लक्ष्मी ने कहा- अब तक नहीं हुआ आर्थिक समझौता

श्रीनिवासन और उनके बेटे सुदर्शन से जुड़े उत्तराधिकार विवाद में मां-बेटी ने पारदर्शी मूल्यांकन और सभी पक्षों की सहमति से समाधान की मांग उठाई
TVS परिवार में संपत्ति बंटवारे पर विवाद, मल्लिका और लक्ष्मी ने कहा- अब तक नहीं हुआ आर्थिक समझौता
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भारत के प्रमुख कारोबारी परिवारों में शामिल टीवीएस समूह में उत्तराधिकार और संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद गहरा गया है। उद्योगपति वेंु श्रीनिवासन की पत्नी मल्लिका श्रीनिवासन और बेटी लक्ष्मी वेणु ने स्पष्ट किया है कि परिवार के भीतर आर्थिक हितों के बंटवारे पर अब तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। उनका कहना है कि कारोबार चलाने की जिम्मेदारी तय होना और संपत्ति का मालिकाना हक बांटना दो अलग-अलग बातें हैं। दोनों ने परिवार की संपत्ति के निष्पक्ष बंटवारे के लिए पारदर्शी प्रक्रिया और सभी संबंधित सदस्यों की सहमति पर जोर दिया है।

2024 के समझौते पर अलग-अलग दावे

विवाद के केंद्र में मार्च 2024 में परिवार के सदस्यों के बीच हुआ समझौता है। मल्लिका और लक्ष्मी के अनुसार, इस समझौते का संबंध मुख्य रूप से टीवीएस ब्रांड के इस्तेमाल, उससे जुड़े अधिकारों और प्रतिस्पर्धा से बचने की शर्तों से था। इसमें परिवार की संपत्ति के आर्थिक बंटवारे पर कोई अंतिम सहमति नहीं बनी थी।

मां-बेटी का कहना है कि परिवार के आर्थिक हितों का निष्पक्ष निर्धारण करने के लिए जिस तरह का पारदर्शी मूल्यांकन, चर्चा और आपसी सहमति जरूरी है, वैसी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। उन्होंने इस दावे से भी असहमति जताई कि परिवार की सारी संपत्ति किसी एक व्यक्ति की है और वह अपनी इच्छा से उसका बंटवारा कर सकता है। उनके मुताबिक, केवल कारोबार की जिम्मेदारी या प्रबंधन की भूमिका तय कर देने से परिवार के सदस्यों के आर्थिक अधिकारों का निपटारा नहीं हो जाता।

बेटे को कारोबारी जिम्मेदारी, बेटी ने उठाया मालिकाना हक का सवाल

वेंु श्रीनिवासन टीवीएस मोटर कंपनी के चेयरमैन एमेरिटस हैं, जबकि उनके बेटे सुदर्शन वेणु कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक हैं। बेटी लक्ष्मी वेणु सुंदरम-क्लेटन लिमिटेड की प्रबंध निदेशक हैं। ऐसे में विवाद केवल कारोबारी नेतृत्व तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार की संपत्तियों और उनसे जुड़े आर्थिक हितों के बंटवारे पर केंद्रित है। मल्लिका ने कहा है कि बेटी और बेटे के अधिकार नैतिक और कानूनी, दोनों दृष्टियों से समान होने चाहिए। उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष समाधान की आवश्यकता जताई है।

मां-बेटी ने यह भी स्पष्ट किया है कि ट्रैक्टर्स एंड फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड (टीएएफई) में मल्लिका की हिस्सेदारी को टीवीएस परिवार के भीतर संपत्ति के बंटवारे के साथ जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, टीएएफई एक अलग कारोबारी समूह का हिस्सा है और उसका इस विवाद से संबंध नहीं है।

2020 के बंटवारे से अलग है मौजूदा विवाद

टीवीएस समूह की स्थापना टी. वी. सुंदरम अयंगर ने की थी। वर्ष 2020 में परिवार की अलग-अलग शाखाओं के बीच कारोबारी संपत्तियों का बंटवारा हुआ था। मल्लिका और लक्ष्मी का तर्क है कि उस समय हुए व्यापक पारिवारिक बंटवारे को वेंु श्रीनिवासन के अपने परिवार के भीतर आर्थिक हितों के अंतिम निपटारे के बराबर नहीं माना जा सकता।

इस मामले में एक अहम पहलू टीवीएस होल्डिंग्स की हिस्सेदारी भी है। यह कंपनी टीवीएस मोटर में बड़ी हिस्सेदारी रखती है। कंपनी की संरचना में पारिवारिक ट्रस्ट और होल्डिंग कंपनियों की भूमिका के कारण संपत्ति के वास्तविक मालिकाना हक और प्रबंधन के अधिकारों का सवाल महत्वपूर्ण हो गया है।

फिलहाल परिवार की ओर से संपत्ति के बंटवारे पर किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं की गई है। मल्लिका और लक्ष्मी ने बातचीत के जरिए जल्द, निष्पक्ष और सौहार्दपूर्ण समाधान की उम्मीद जताई है। अब देखना होगा कि परिवार के सदस्य आर्थिक हितों और संपत्ति के मालिकाना हक पर सहमति तक कैसे पहुंचते हैं।

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