

नयी दिल्ली : केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यदि लाभार्थी उत्पाद डिजाइन प्रौद्योगिकी में निवेश नहीं करते और ‘सिक्स सिग्मा’ मानकों को पूरा नहीं करते हैं तो सरकार इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जा विनिर्माण योजना (ईसीएमएस) के तहत भुगतान रोक सकती है। ईसीएमएस के तहत 7,104 करोड़ रुपये के नए निवेश से जुड़े 29 प्रस्तावों को मंजूरी देने के बाद मंत्री ने आगाह किया कि जो लाभार्थी उत्पाद डिजाइन प्रौद्योगिकी में निवेश नहीं करेंगे, उन्हें योजना से बाहर किया जा सकता है।
कंपनियों की आलोचना : मंत्री ने उच्च गुणवत्ता एवं आत्मनिर्भर इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा निर्धारित एकीकृत दृष्टिकोण का पालन नहीं करने पर उद्योग संगठन इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) और उसकी सदस्य कंपनियों की आलोचना भी की। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें बाहर किया जाए। मैं यह बहुत स्पष्ट रूप से कह रहा हूं क्योंकि यह हमारे देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और हम हमेशा ‘राष्ट्र प्रथम’ में विश्वास करते हैं। देश को इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन, कलपुर्जा डिजाइन और मशीन डिजाइन के क्षेत्र में आगे बढ़ने की जरूरत है।
15 दिन की समयसीमा दी : मंत्री ने उद्योग को 15 दिन की समयसीमा दी है, जिसके भीतर कंपनियों को सरकार को यह बताना होगा कि उन्होंने उत्पाद डिजाइन, ‘सिक्स सिग्मा’ मानक, प्रतिभा विकास और स्थानीय आपूर्ति (सोर्सिंग) जैसे प्रमुख मुद्दों पर क्या कदम उठाए हैं। ‘सिक्स सिग्मा’ एक ऐसी कार्यप्रणाली है जिसका उद्देश्य उत्पादन में त्रुटियों को न्यूनतम करना और लगभग पूर्ण गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। ईसीएमएस के तहत अब तक स्वीकृत सभी 75 आवेदनों को 15 दिन के भीतर अपनी कार्ययोजना साझा करनी होगी।