ईरानी तेल की खरीद बढ़ाये जाने की संभावना नहीं

अमेरिकी प्रतिबंधों में 60 दिन की अस्थायी ढील के बावजूद भारतीय रिफाइनर ईरान से कच्चे तेल की खरीद बढ़ाने के पक्ष में नहीं, रूस, पश्चिम एशिया और वेनेजुएला से पर्याप्त आपूर्ति के चलते रणनीति में बदलाव की जरूरत नहीं
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नयी दिल्ली : अमेरिकी प्रतिबंधों में अस्थायी ढील के बावजूद भारतीय तेल कंपनियों के ईरान से कच्चे तेल की खरीद में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। रिफाइनरी और तेल बाजार का विश्लेषण करने वाली कंपनी केप्लर के सुमित रितोलिया ने कहा कि अमेरिका ने 60 दिन के लिए प्रतिबंधों में छूट दी है, जिससे अस्थायी रूप से ईरानी कच्चे तेल के निर्यात की अनुमति मिली है। इतनी कम अवधि के कारण चीन के अलावा अन्य खरीदारों की बड़े पैमाने पर वापसी की संभावना नहीं है। भारतीय रिफाइनर आने वाले महीनों के लिए कच्चे तेल की अपनी अधिकांश जरूरतें पहले ही तय कर चुके हैं, क्योंकि खरीद योजनाओं को आमतौर पर दो से तीन महीने पहले अंतिम रूप दिया जाता है।

क्या है कारण : सरकारी और निजी रिफाइनरी कंपनियां फिलहाल अगस्त के आखिर तथा सितंबर में मिलने वाली खेपों की खरीद कर रहे हैं, जिनमें रूस और पश्चिम एशिया के कच्चे तेल का दबदबा बना हुआ है। वहीं, वेनेजुएला के कच्चे तेल की हिस्सेदारी भी बढ़ रही है। रितोलिया ने कहा कि यदि ईरानी कच्चा तेल भारी छूट पर उपलब्ध कराया जाता है, तो रिफाइनर अवसर का लाभ उठाते हुए कुछ खरीद कर सकते हैं। हालांकि, रूस और पश्चिम एशिया से पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध होने के कारण खरीद रणनीति बदलने की जरूरत नहीं है।

नीति संबंधी अनिश्चितता : नीति संबंधी अनिश्चितता भी एक बड़ा अवरोध है। अमेरिकी प्रतिबंध नीति में तेजी से बदलाव की संभावना बनी रहने के कारण रिफाइनर बड़ी मात्रा में खरीद का जोखिम नहीं उठाना चाहेंगे, क्योंकि इससे दीर्घकालिक अनुबंधों के दौरान आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित करना मुश्किल हो जाएगा। मार्च में भी प्रतिबंधों से इसी तरह की अस्थायी राहत दी गई थी, लेकिन भुगतान और अनुपालन संबंधी समस्याएं बनी रहने के कारण चीन के बाहर बहुत कम खरीदारों ने इसमें रुचि दिखाई। प्रतिबंधों में राहत से ईरानी निर्यात का रास्ता जरूर खुला है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बड़ी संख्या में खरीदार तुरंत सामने आ जाएंगे। जब तक प्रतिबंधों में राहत अधिक स्थायी नहीं होती, तब तक ईरानी कच्चे तेल का प्रमुख खरीदार चीन ही बना रहेगा।

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