अमेरिका का श्रम बाजार 'Low-hire, low-fire' की स्थिति में

अमेरिकी अर्थव्यवस्था दो प्रतिशत की दर से बढ़ी
Internet
USGDP
Published on

वाशिंगटन : अमेरिका की अर्थव्यवस्था जनवरी-मार्च तिमाही में दो प्रतिशत की दर से बढ़ी है लेकिन ईरान युद्ध के कारण मुद्रास्फीति बढ़ने और अनिश्चितता गहराने से आर्थिक परिदृश्य दबाव में है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग की तरफ से जारी जनवरी-मार्च तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर दो प्रतिशत रही जो अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही की 0.5 प्रतिशत वृद्धि से अधिक है। हालांकि, ईरान युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आपूर्ति बाधित होने से ऊर्जा कीमतों में उछाल आने से महंगाई बढ़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका का श्रम बाजार इस समय 'लो-हायर, लो-फायर' स्थिति में है जहां बेरोजगारी कम होने के साथ नई नौकरियों के अवसर भी सीमित हैं।

क्या रही स्थिति : आलोच्य तिमाही में सरकारी खर्च और निवेश 9.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि उपभोक्ता खर्च वृद्धि घटकर 1.6 प्रतिशत रह गई। वहीं, कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़े निवेश के कारण कारोबारी निवेश 8.7 प्रतिशत बढ़ा।मार्च महीने में मुद्रास्फीति मासिक आधार पर 0.7 प्रतिशत और सालाना आधार पर बढ़कर 3.5 प्रतिशत पर पहुंच गई जो लगभग तीन वर्षों का उच्चतम स्तर है। खाद्य और ऊर्जा को छोड़कर मुख्य मुद्रास्फीति सालाना आधार पर 3.2 प्रतिशत रही, जो अमेरिकी केंद्रीय बैंक के दो प्रतिशत लक्ष्य से अधिक है। गैस की कीमतों में मार्च के दौरान करीब 21 प्रतिशत की वृद्धि ने भी महंगाई को बढ़ाने का काम किया है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने एक दिन पहले कहा था कि देशभर में बढ़ती ईंधन कीमतें लोगों पर असर डाल रही हैं।

बेरोजगारी भत्ते के नए दावे : इस बीच, अमेरिकी श्रम विभाग ने कहा कि 25 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में बेरोजगारी भत्ते के नए दावे 26,000 घटकर 1.89 लाख रह गए, जो श्रम बाजार की मजबूती का संकेत है। मार्च में उपभोक्ता व्यय 0.9 प्रतिशत बढ़ा, जो कीमतों में वृद्धि के बावजूद मांग में मजबूती को दर्शाता है।

Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in