नौ करोड़ होगी पंजीकृत एमएसएमई की संख्या

एमएसएमई क्षेत्र का GDP, विनिर्माण और निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान
नौ करोड़ होगी पंजीकृत एमएसएमई की संख्या
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नयी दिल्ली: देश में पंजीकृत सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) की संख्या 2029 तक नौ करोड़ तक पहुंच जाने की उम्मीद है।उद्योग मंडल एसोचैम के कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम मंत्रालय में संयुक्त सचिव मर्सी एपाओ ने कहा कि वर्तमान में उद्यम तथा उद्यम असिस्ट (यूए) पोर्टल के तहत छह करोड़ से अधिक एमएसएमई पंजीकृत हैं।हम देश में सभी एमएसएमई को संगठित बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उम्मीद है कि 2029 तक इनकी संख्या नौ करोड़ तक पहुंच जाएंगी।

कितना है योगदानः इस क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद में 30 प्रतिशत से अधिक, विनिर्माण उत्पादन में 36 प्रतिशत और निर्यात में 45 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है।उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं को बैंक ऋण बड़े उद्यमों को ऋण वितरण की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है।

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