घरेलू बाजार में बिक्री के लिए एसईजेड इकाइयों को मिली शुल्क छूट

घरेलू बाजार में बिक्री के लिए एसईजेड इकाइयों को मिली शुल्क छूट
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नयी दिल्ली : वैश्विक मांग में कमजोरी से प्रभावित विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) की विनिर्माण इकाइयों को सरकार ने घरेलू बाजार में अपना माल बेचने में मदद करने के लिए एक वर्ष के लिए सीमित शुल्क रियायतों की घोषणा की है। यह छूट एक अप्रैल से प्रभावी होगी और 31 मार्च, 2027 तक वैध रहेगी। यह छूट हालांकि केवल उन्हीं इकाइयों को मिलेगी जिन्होंने 31 मार्च, 2025 या उससे पहले वस्तुओं का उत्पादन शुरू कर दिया था।

क्या होगा असर : विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) में विनिर्मित और घरेलू बाजार में बेचे जाने वाले सामान पर मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) में थोड़ी कमी आएगी। कुछ मामलों में कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर (एआईडीसी) में भी कमी की जाएगी। यह लाभ रसायनों और उर्वरकों से लेकर वस्त्र, जूते एवं मशीनरी तक, उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर लागू होगा। इकाइयों को हालांकि यह भी साबित करना होगा कि जिन वस्तुओं पर इस छूट अधिसूचना के तहत लाभ का दावा किया गया है, वे निर्धारित सभी शर्तों को पूरा करती हैं। साथ ही जिन वस्तुओं के लिए इस अधिसूचना के तहत छूट का दावा किया जाएगा वे एसईजेड की इकाई द्वारा विनिर्मित हों और उनमें कम से कम 20 प्रतिशत मूल्य संवर्धन हुआ हो।

क्या है मामला : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का बजट पेश करते हुए एक एकमुश्त विशेष उपाय का प्रस्ताव किया था, ताकि एसईजेड की पात्र विनिर्माण इकाइयों को घरेलू शुल्क क्षेत्र (डीटीए) में रियायती शुल्क दरों पर बिक्री की सुविधा मिल सके। यह प्रस्ताव वैश्विक व्यापार में व्यवधान के कारण एसईजेड की विनिर्माण इकाइयों की क्षमता उपयोग से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए लाया गया था। ऐसी बिक्री की मात्रा उनके निर्यात के एक निर्धारित अनुपात तक सीमित रहेगी।

सीमा शुल्क को युक्तिसंगत बनाया : सीमा शुल्क को युक्तिसंगत बनाया गया है। कुछ वस्तुओं पर वर्तमान में 7.5 प्रतिशत की दर से सीमा शुल्क लग रहा है अब उन पर 6.5 प्रतिशत की दर से शुल्क लगेगा। वहीं जिन पर 10 प्रतिशत की दर से शुल्क लग रहा है, उन पर नौ प्रतिशत की दर से शुल्क लगेगा। अधिसूचित वस्तुओं पर वर्तमान में 12.5 प्रतिशत और 15 प्रतिशत की दर से शुल्क लग रहा है, उन पर 10 प्रतिशत की दर से शुल्क लगेगा। इसके अतिरिक्त, अधिसूचित उत्पादों पर वर्तमान में 20 प्रतिशत की दर से शुल्क लग रहा है, अब उन पर 12.5 प्रतिशत की दर से शुल्क लगेगा। वहीं 20-30 प्रतिशत की सीमा में आने वाली निर्दिष्ट वस्तुओं पर अब 15 प्रतिशत की दर से शुल्क लगेगा और 30-40 प्रतिशत की सीमा में आने वाली वस्तुओं पर 20 प्रतिशत की दर से शुल्क लगेगा।

निर्यात पर ध्यान : एसईजेड इकाइयां निर्यात पर ध्यान देती रहेंगी। वहीं पात्र एसईजेड इकाइयों द्वारा रियायती दरों पर बिक्री पिछले तीन वित्त वर्षों में से किसी एक वर्ष में हुए निर्यात के सर्वाधिक वार्षिक एफओबी (फ्री ऑन बोर्ड) मूल्य के 30 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।

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