

नई दिल्ली : भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) मर्चेंट बैंकिंग नियमों और सार्वजनिक निर्गम से जुड़े नियमों की व्यापक समीक्षा करने की तैयारी कर रहा है। इसका उद्देश्य प्रक्रियाओं को सरल बनाना और अनुपालन व आईपीओ की लागत घटाना है।
सेबी के कार्यकारी निदेशक जीवन सोनपरोटे ने बताया कि हाल में लागू मर्चेंट बैंकिंग नियमों की छह महीने बाद समीक्षा की जाएगी और जल्द ही इस परामर्श पत्र जारी होने की उम्मीद है। समीक्षा में वैल्यूएशन समेत नियमों को मर्चेंट बैंकिंग कारोबार के अनुरूप बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।
सेबी इश्यू ऑफ कैपिटल एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (ICDR) नियमों की भी समीक्षा करेगा। इसके लिए जल्द एक समूह बनाया जाएगा, जो गैर-जरूरी प्रावधान हटाने, प्रक्रियाओं को आसान बनाने और मर्चेंट बैंकरों की भूमिकाओं व जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने पर काम करेगा। यह समीक्षा अगले छह महीने में पूरी किए जाने की उम्मीद है।
सेबी आईपीओ की लागत घटाने के लिए प्राइस बैंड और अखबारों में विज्ञापन पर होने वाले खर्च की मौजूदा व्यवस्था की भी समीक्षा कर रहा है। इसके अलावा, आईपीओ से जुड़े दस्तावेजों के रिपॉजिटरी सिस्टम को मजबूत करने की योजना है, ताकि वह केवल औपचारिक अनुपालन के बजाय व्यावहारिक गाइड के रूप में काम करे।
सेबी अगले तीन से छह महीनों में मर्चेंट बैंकरों, खासकर एसएमई इश्यू संभालने वाले बैंकरों, के साथ नियमित कार्यशालाएं और संवाद भी आयोजित करेगा।