रुपये ने छुआ 92.02 प्रति डॉलर का सबसे निचला स्तर

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में शुक्रवार को रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 92.02 के रिकॉर्ड निचले स्तर को छूने के बाद कारोबार के अंत में मामूली बढ़त लिए 91.97 पर बंद हुआ।
अभियुक्त के पास से बरामद रुपये
सांकेतिक तस्वीरअभियुक्त के पास से बरामद रुपये
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मुंबईः अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में शुक्रवार को रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 92.02 के रिकॉर्ड निचले स्तर को छूने के बाद कारोबार के अंत में मामूली बढ़त लिए 91.97 पर बंद हुआ। डॉलर की मजबूती और अस्थिर भू-राजनीतिक संकेतों के बीच रुपये में यह मामूली सुधार आया है।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि विदेशी कोषों की सतत निकासी और घरेलू शेयरों में नकारात्मक रुझान ने निवेशकों की कारोबारी धारणा को प्रभावित रखा। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपया 91.89 प्रति डॉलर पर खुला और इसमें आगे मजबूती आई। दिन के कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया 91.82 पर पहुंच गया। बाद में रुपया, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 92.02 के अब तक के सबसे निचले स्तर को छूने के बाद सत्र के अंत में 91.97 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से महज दो पैसे की बढ़त है।

रुपया बृहस्पतिवार को, डॉलर के मुकाबले अपने सबसे निचले स्तर 91.99 पर सपाट बंद हुआ था। रुपये ने 23 जनवरी को डॉलर के मुकाबले 92 के अपने पिछले सबसे निचले स्तर को दर्ज किया था।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक, अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘कच्चे तेल और जिंस की कीमतों में रात भर की गिरावट के कारण भारतीय रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर से उबर गया। हालांकि, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में सुधार और विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी ने तेज बढ़त को सीमित कर दिया। डॉलर इंडेक्स इसलिए बढ़ा क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह अमेरिकी फेडरल रिजर्व का नेतृत्व करने के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा करेंगे।’’

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती को मापने वाला, डॉलर इंडेक्स 0.45 प्रतिशत बढ़कर 96.57 पर कारोबार कर रहा था।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड, वायदा कारोबार में 0.96 प्रतिशत गिरकर 70.03 डॉलर प्रति बैरल पर था।

घरेलू शेयर बाजार के मोर्चे पर, सेंसेक्स 296.59 अंक या 0.36 प्रतिशत गिरकर 82,269.78 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 98.25 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 25,320.65 अंक पर आ गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने बृहस्पतिवार को 393.97 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

बृहस्पतिवार को संसद में पेश आर्थिक समीक्षा के अनुसार, रुपया अपनी क्षमता से कमज़ोर प्रदर्शन कर रहा है और ‘‘ऐसे समय में जब महंगाई नियंत्रण में है और वृद्धि का परिदृश्य अच्छा है, भारत में निवेश लाने में निवेशकों की हिचकिचाहट की समीक्षा होनी चाहिए।’’

अभियुक्त के पास से बरामद रुपये
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