रुपया 71 पैसे उछलकर 93.51 प्रति डॉलर पर

ऊर्जा आपूर्ति को लेकर ताजा चिंताओं के बावजूद रुपये में यह मजबूती आई
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मुंबई : अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया शुक्रवार को नुकसान से उबरते हुए 71 पैसे की मजबूती के साथ 93.51 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। पश्चिम एशिया में अस्थिर स्थिति के कारण ऊर्जा आपूर्ति को लेकर ताजा चिंताओं के बावजूद रुपये में यह मजबूती आई है।

क्या रहा कारण : विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य और नागरिक इलाकों में नए हमले किए, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि युद्धविराम अब भी प्रभावी है। इससे निवेशकों की कारोबारी धारणा प्रभावित हुई।

ब्रेंट क्रूड की कीमत : अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर 98 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। लेकिन पश्चिम एशिया में समझौते को लेकर उम्मीद कम होने से यह बढ़कर लगभग 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।

क्या रही स्थिति : अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.58 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 94.68 तक फिसल गया। बाद में रुपये नुकसान से उबरते हुए कारोबार के अंत में 93.51 प्रति डॉलर पर बंद हुआ जो यह पिछले बंद भाव से 71 पैसे की मजबूती है। रुपया बृहस्पतिवार को शुरुआती नुकसान से उबरते हुए 27 पैसे की मजबूती के साथ 94.22 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

क्या है अनुमान : मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, पश्चिम एशिया में फिर बढ़े वैश्विक तनाव के बीच रुपये में कमजोर रुख रहने का अनुमान है...।डॉलर के मुकाबले रुपये के हाजिर भाव के 94.10 से 94.90 के दायरे में रहने का अनुमान है।

डॉलर सूचकांक : छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 97.91 पर रहा।

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