रुपया 96.86 प्रति डॉलर के नए निचले स्तर पर

वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने महंगाई की चिंताओं को और बढ़ा दिया
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मुंबई : लगातार नौवें सत्र में गिरावट दर्ज करते हुए डॉलर के मुकाबले रुपया बुधवार को 16 पैसे टूटकर 96.86 के नए निचले स्तर पर बंद हुआ। पश्चिम एशिया संकट के बीच वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने महंगाई की चिंताओं को और बढ़ा दिया। पिछले सत्र में, रुपया 50 पैसे टूटकर डॉलर के मुकाबले 96.70 पर बंद हुआ था।

क्या रहा कारण : मिराए एसेट शेयरखान में शोध विश्लेषक, जिंस शोध अनुज चौधरी ने कहा, मजबूत डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में उछाल के कारण भारतीय रुपया नए निचले स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी 30-वर्षीय बॉन्ड प्रतिफल दो दशक के उच्चतम स्तर पर पहुच गया, जबकि 10-वर्षीय बॉन्ड प्रतिफल 16 माह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इसके कारण महंगाई की चिंताएं बढ़ीं और वैश्विक बाजारों में बिकवाली हुई, जिससे बाजार जोखिम से बचने की कोशिश करने लगे।

क्या है अनुमान : महंगाई की चिंताओं के बीच वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के कारण रुपया नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा। मजबूत डॉलर और बढ़ते अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल ने महंगाई की चिंताओं को बढ़ाया है और ब्याज दर में कटौती की उम्मीदों को कम किया है। डॉलर-रुपये की हाजिर कीमत के 96.5 रुपये से 97.10 रुपये के दायरे में कारोबार करने की उम्मीद है।

सबसे खराब प्रदर्शन : रुपये में आई भारी गिरावट नीति निर्माताओं, निवेशकों और कारोबारियों के लिए सबसे बड़े आर्थिक चेतावनी संकेतों में से एक बनकर उभरी है। रुपया इस साल उभरते बाजारों की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा रहा है। इस पर महंगे तेल, पूंजी की निकासी, बढ़ते व्यापार घाटे और मजबूत होते डॉलर के खतरनाक मेल का दबाव है।

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