

मुंबई : अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा खारिज करने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से रुपये पर भारी दबाव कायम हो गया। इससे रुपया सोमवार को 79 पैसे लुढ़ककर अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले अपने सर्वकालिक निचले स्तर 95.28 पर बंद हुआ। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि अमेरिकी डॉलर के मजबूत रुख और विदेशी पूंजी की भारी निकासी ने रुपये पर और दबाव डाला। घरेलू मुद्रा ने चार मई को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.23 का अपना पिछला सबसे निचला बंद स्तर दर्ज किया था, और पांच मई को यह 95.44 के अब तक के सबसे निचले दिन के स्तर पर पहुंची थी।
क्या रही स्थिति : अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.97 पर खुला। दिन में 94.87 से 95.34 प्रति डॉलर के बीच कारोबार करता रहा। अंत में यह अबतक के सबसे निचले स्तर 95.28 प्रति डॉलर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 79 पैसे की भारी गिरावट है। रुपया शुक्रवार को 94.49 पर बंद हुआ था।
वृद्धि की गति में सुस्ती : फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के कोष प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, राजकोषीय घाटे को कम रखने के लिए विदेशी मुद्रा बचाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोल, सोने, विदेश यात्राओं आदि की खरीद में कमी लाने का आह्वान किया है। अल्पकालिक रूप से इन कदमों का असर वृद्धि की गति में सुस्ती के रूप में दिखेगा।वहीं ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्तावों पर दिए गए जवाब से सहमति नहीं जताई लेकिन इससे तेल की कीमतें 105 डॉलर के स्तर तक और डॉलर सूचकांक 98 के स्तर से ऊपर पहुंच गया। परिणामस्वरूप इनकी मांग में तेजी बनी रही। मंगलवार को रुपये के 94.75 और 95.50 के बीच रहने का अनुमान है।
डॉलर सूचकांक : इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.02 पर रहा।
ब्रेंट क्रूड : अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 2.52 प्रतिशत की तेजी के साथ 103.8 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया।