रुपये में लगातार चौथे सत्र में गिरावट

विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार पूंजी निकासी से रुपये पर दबाव पड़ा
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मुंबई : अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 12 पैसे की गिरावट के साथ 90.90 पर बंद हुआ। यह रिकॉर्ड निचले बंद स्तर से थोड़ा ही ऊपर है। आयातकों की मजबूत डॉलर मांग और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार पूंजी निकासी से रुपये पर दबाव पड़ा। बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने जोखिम से बचने की भावना को बढ़ाया है और उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बनाए रखा है। घरेलू शेयरों में बिकवाली के दबाव ने निवेशकों के कारोबारी धारणा को और खराब किया। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण करने की उनकी योजना का विरोध करने पर यूरोपीय देशों पर शुल्क लगाने की घोषणा की है। इससे निवेशक भी चिंतित हैं। रुपया 16 दिसंबर, 2025 को कारोबार के दौरान अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले अपने सबसे निचले स्तर 91.14 पर चला गया था। अंत में यह 90.93 पर बंद हुआ था।

क्या रही स्थिति : अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 90.68 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 91.01 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे चला गया था। अंत में यह डॉलर के मुकाबले 90.90 पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 12 पैसे कम है। यह बंद स्तर रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर से मात्र तीन पैसा अधिक है। रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.78 पर बंद हुआ था।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ : मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने बताया कि विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की लगातार निकासी और कमजोर घरेलू बाजारों से रुपये में लगातार चौथे सत्र में गिरावट आई।वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति तथा ग्रीनलैंड पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से रुपये में गिरावट का रुख रहने का अनुमान है। डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 90.60 रुपये से 91.30 रुपये के बीच रह सकता है। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.10 पर रहा।

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