

मुंबई : अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया सोमवार को एक पैसे की मामूली गिरावट के साथ 88.10 प्रति डॉलर के अबतक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की अनिश्चितताओं और आयातकों की बढ़ती डॉलर मांग के बीच रुपये की विनिमय दर में गिरावट आई।
कमजोर रुख के साथ खुला : रुपया शुरुआती कारोबार कमजोर रुख के साथ खुला और विदेशी पूंजी की लगातार निकासी के कारण यह डॉलर के मुकाबले 88.33 के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया।अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 88.18 पर खुला। कारोबार के दौरान नीचे गिरकर 88.33 के अबतक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।
व्यापार घाटे को लेकर चिंता : इसका कारण अमेरिका द्वारा भारत पर अतिरिक्त व्यापार शुल्क लगाने से भारत के व्यापार घाटे को लेकर चिंता का बढ़ना है।घरेलू मुद्रा अंततः डॉलर के मुकाबले 88.10 के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुई, जो पिछले बंद भाव से महज एक पैसे की गिरावट है। रुपया शुक्रवार को पहली बार 88 प्रति डॉलर के स्तर को पार कर 88.09 के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ था।
निवेशक सतर्क : मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक (मुद्रा एवं जिंस) अनुज चौधरी ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा सितंबर में ब्याज दरों में कटौती की संभावना से डॉलर और कमजोर हो सकता है। इस सप्ताह अमेरिका से गैर-कृषि पेरोल रिपोर्ट आने से पहले निवेशक सतर्क रह सकते हैं। डॉलर-रुपये का हाजिर भाव 87.85 से 88.50 के बीच रहने का अनुमान है।
रुपये पर दबाव : उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका द्वारा भारत पर जारी व्यापार शुल्क संबंधी चिंताओं के बीच हमारा अनुमान है कि रुपया थोड़े नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की पूंजी निकासी और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से भी रुपये पर दबाव पड़ सकता है।’’