भारत-आसियान व्यापार समझौते की समीक्षा में तेजी, लंबित मुद्दे समयबद्ध तरीके से सुलझेंगे

भारत-आसियान व्यापार समझौते को आधुनिक बनाने पर जोर, लंबित मुद्दों के समाधान के लिए समयबद्ध लक्ष्य तय
दोनों पक्षों का लक्ष्य ऐसा पारस्परिक रूप से लाभकारी ढांचा तैयार करना है, जो व्यापार और आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा दे।
भारत-आसियान व्यापार समझौते की समीक्षा में तेजी, लंबित मुद्दे समयबद्ध तरीके से सुलझेंगे
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नई दिल्ली : भारत और आसियान देशों ने आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते (एआईटीआईजीए) की समीक्षा में तेजी लाने और लंबित मुद्दों का समयबद्ध समाधान निकालने की प्रतिबद्धता दोहराई है। इसके तहत 6 से 9 अक्टूबर 2026 तक इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता स्थित आसियान सचिवालय में संयुक्त समिति की 15वीं बैठक और संबंधित उप-समितियों की बैठकें आयोजित की गईं। हाइब्रिड प्रारूप में हुई इन बैठकों में समझौते के आधुनिकीकरण, द्विपक्षीय व्यापार को मजबूत करने और आर्थिक एकीकरण बढ़ाने पर चर्चा हुई।

भारत और मलेशिया ने की सह-अध्यक्षता

बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग के अपर सचिव नितिन कुमार यादव और मलेशिया के निवेश, व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय की उप महासचिव (व्यापार) मस्तुरा अहमद मुस्तफा ने की। इसमें ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम सहित आसियान के सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

तीन उप-समितियों में लंबित मुद्दों पर चर्चा

संयुक्त समिति के अंतर्गत आठ उप-समितियों में से तीन की बैठकें हुईं। इनमें कानूनी एवं संस्थागत मुद्दों, गैर-टैरिफ उपायों और उत्पत्ति के नियमों से संबंधित उप-समितियां शामिल थीं। इन बैठकों में आपसी सहयोग बढ़ाने, नीतिगत मुद्दों पर सहमति बनाने और लंबित विषयों पर रचनात्मक संवाद आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

संयुक्त समिति ने सभी उप-समितियों को समीक्षा के तहत लंबित अध्यायों को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही, स्पष्ट और समयबद्ध लक्ष्य तय करने तथा प्रगति को मापने योग्य बनाने के लिए समन्वय मजबूत करने पर बल दिया गया।

जनवरी 2027 में भारत में होगी अगली बैठक

भारत और आसियान ने संतुलित, रचनात्मक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप व्यापार समझौते को आधुनिक बनाने की साझा प्रतिबद्धता जताई। दोनों पक्षों का लक्ष्य ऐसा पारस्परिक रूप से लाभकारी ढांचा तैयार करना है, जो व्यापार और आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा दे।

एआईटीआईजीए संयुक्त समिति की अगली बैठक जनवरी 2027 में भारत में हाइब्रिड प्रारूप में होगी। इसमें उप-समितियों की प्रगति की समीक्षा कर वार्ता को समय पर पूरा करने के लिए आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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