Source : MOSPI
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खुदरा महंगाई दर 14 साल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर

2012 के बाद का सबसे निचला स्तर है, GST में कटौती बनी घटने का कारण
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नयी दिल्ली : खुदरा महंगाई अक्टूबर में घटकर रिकॉर्ड निचले स्तर 0.25 प्रतिशत पर आ गई। सब्जी, फल, अंडा जैसे खाने के सामान के सस्ता होने के साथ आम लोगों के उपयोग वाली लगभग 380 वस्तुओं पर जीएसटी में कटौती से महंगाई दर में नरमी आई है।अक्टूबर माह की उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति वर्तमान श्रृंखला (आधार वर्ष 2012) में सबसे कम है। इसमें जनवरी, 2014 से आंकड़े शामिल हैं।

खुदरा मुद्रास्फीति सितंबर में 1.44 प्रतिशत और बीते साल अक्टूबर में 6.21 प्रतिशत थी। रिजर्व बैंक को खुदरा मुद्रास्फीति दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत पर रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है। आरबीआई अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में मुख्य रूप से खुदरा मुद्रास्फीति पर गौर करता है।

क्या रही स्थिति : राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट आई और यह शून्य से नीचे 5.02 प्रतिशत रही। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मुद्रास्फीति घटी है और यह क्रमश: 0.25 प्रतिशत और 0.88 प्रतिशत रही। NSO उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़े 1,181 गांवों और 1,114 शहरी बाजारों से एकत्रित करता है।

सबसे अधिक महंगाई केरल में : सबसे अधिक मुद्रास्फीति केरल (8.56 प्रतिशत) में रही, उसके बाद जम्मू-कश्मीर (2.95 प्रतिशत), कर्नाटक (2.34 प्रतिशत), पंजाब (1.81 प्रतिशत),तमिलनाडु (1.29 प्रतिशत) का स्थान रहा। असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली -उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में इसमें कमी आई है।

क्या कहते हैं अर्थशास्त्री : इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि खाद्य कीमतों में नरमी के साथ खपत वाली कई वस्तुओं पर GST दर घटाये जाने से महंगाई में कमी आई है। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति अनुमान को 2.6 प्रतिशत से और कम कर सकती है।

यह स्थिति अक्टूबर, 2025 के नीति दस्तावेज के नरम रुख के साथ, दिसंबर, 2025 की मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती का समर्थन करेगी। यह स्थिति तबतक बनी रहेगी जब तक कि वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में GDP वृद्धि दर आश्चर्यजनक रूप से ऊंची न रहे। मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक तीन से पांच दिसंबर को होगी।

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