

मुंबई : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वित्तीय बाजारों के लिए तकनीकी परामर्श समिति (टीसीसीएफएम) गठित करने की बुधवार को घोषणा की। यह समिति मुद्रा बाजार और सरकारी प्रतिभूतियों सहित अन्य क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण नीतिगत तथा परिचालन मामलों पर ध्यान देगी।
समिति की अध्यक्षता वित्तीय बाजार विनियमन विभाग (एफएमआरडी) के प्रभारी डिप्टी गवर्नर करेंगे। वर्तमान में यह जिम्मेदारी डिप्टी गवर्नर रोहित जैन के पास है। आरबीआई ने कहा कि यह समिति मुद्रा, सरकारी प्रतिभूतियों और विदेशी मुद्रा बाजारों के साथ-साथ उनसे जुड़े डेरिवेटिव (वायदा एवं विकल्प) बाजारों और बुनियादी ढांचे से संबंधित नीतिगत एवं परिचालन मामलों पर बाजार प्रतिभागियों तथा अन्य संबंधित पक्षों के साथ संरचनात्मक विचार-विमर्श के लिए मंच उपलब्ध कराएगी।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि समिति कारोबार, समाशोधन, निपटान, रिपोर्टिंग और बाजार के अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ संबंधित नियामकीय और परिचालन ढांचों पर भी विचार करेगी। समिति के विचारार्थ विषयों में मुद्रा, सरकारी प्रतिभूतियां, विदेशी मुद्रा और उनसे जुड़े डेरिवेटिव बाजारों के कामकाज, दक्षता, नकदी की उपलब्धता और मजबूती से संबंधित मुद्दे शामिल हैं।
इसके अलावा, इन बाजारों का विस्तार और उन्हें अधिक व्यापक बनाने के उपायों की पहचान करना भी इसके कार्यक्षेत्र में होगा। यह समिति वित्तीय बाजारों को प्रभावित करने वाले उभरते नीतिगत और परिचालन मुद्दों पर भी ध्यान देगी। इसमें आरबीआई के उपायों को लागू करने और बाजार में अनपेक्षित बाधाओं की पहचान करने से जुड़े मामले शामिल हैं।
आरबीआई ने कहा कि समिति की बैठक कम से कम प्रत्येक तिमाही में एक बार होगी। समिति के सदस्यों में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पूर्व पूर्णकालिक सदस्य और आईआईटी बंबई में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस अनंत नारायण, एक्सिस बैंक के कार्यकारी निदेशक नीरज गंभीर,
आईसीआईसीआई बैंक में ट्रेजरी एवं आर्थिक अनुसंधान प्रमुख शैलेंद्र झिंगन और सिटीबैंक इंडिया में प्रबंध निदेशक एवं बाजार प्रमुख आदित्य बागरी शामिल हैं। इसके अलावा, समिति में एफआईएमएमडीए के चेयरमैन एवं भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के उप प्रबंध निदेशक शमशेर सिंह, सीसीआईएल के प्रबंध निदेशक नंद किशोर और मॉर्गन स्टेनली इंडिया के प्रबंध निदेशक रिधम देसाई भी सदस्य हैं।