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RBI की दर बढ़ोतरी के बीच HDFC Bank ने सस्ता किया कर्ज, MCLR में 15 बेसिस प्वाइंट तक कटौती
मुंबई :
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत किए जाने के बीच देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंकों में शामिल HDFC Bank ने अपने करोड़ों कर्जदारों को राहत दी है। बैंक ने सभी अवधि की मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 5 से 15 बेसिस प्वाइंट तक की कटौती की है। नई दरें 7 अक्टूबर से लागू हो गई हैं। इससे MCLR से जुड़े होम लोन, पर्सनल लोन और ऑटो लोन की ब्याज लागत घट सकती है। बैंक की संशोधित MCLR दरें अब 7.80 प्रतिशत से 8.55 प्रतिशत के बीच हैं, जबकि पहले यह दायरा 7.90 से 8.60 प्रतिशत था। सबसे ज्यादा कटौती एक महीने की MCLR में 15 बेसिस प्वाइंट की हुई है। नई दरों में ओवरनाइट MCLR 7.90 से घटकर 7.80 प्रतिशत, एक महीने की दर 7.90 से 7.75 प्रतिशत, तीन महीने की 8.05 से 7.95 प्रतिशत और छह महीने की 8.25 से 8.15 प्रतिशत हो गई है। एक साल की MCLR 8.35 से 8.30 प्रतिशत, दो साल की 8.45 से 8.40 प्रतिशत और तीन साल की 8.60 से 8.55 प्रतिशत रह गई है। MCLR वह बेंचमार्क है, जिसके आधार पर बैंक कुछ तरह के फ्लोटिंग रेट लोन की न्यूनतम ब्याज दर तय करते हैं। MCLR से जुड़े मौजूदा कर्ज पर संशोधित दर रीसेट तारीख आने पर लागू होती है। इसलिए ग्राहकों को तुरंत EMI में कमी जरूरी नहीं है, लेकिन अगली रीसेट तारीख पर ब्याज बोझ कम हो सकता है। HDFC Bank का यह कदम ऐसे समय आया है जब RBI ने करीब साढ़े तीन साल बाद पहली बार रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है और नीति रुख को ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ किया है। ऐसे माहौल में HDFC Bank की MCLR कटौती खासतौर पर पुराने MCLR-लिंक्ड कर्जदारों के लिए राहत मानी जा रही है।

