पीयूष गोयल ने भारतीय बाज़ारों में विदेशी निवेश के बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की

मंत्री ने कहा कि निवेश से रोजगार सृजन होगा, नई प्रौद्योगिकी आएंगी, अनुसंधान एवं विकास तथा नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। इससे रक्षा विनिर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा, घरेलू मुद्रा में अधिक स्थिरता आएगी जिससे मुद्रास्फीति को और कम करने में मदद मिलेगी।
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उद्योग मंत्री पीयूष गोयल
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नई दिल्ली: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि वह प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और विदेशी संस्थागत निवेश (FII) को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा के लिए हितधारकों के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक यहां वाणिज्य भवन में होगी।

फिक्की (FICCi) की वार्षिक आम बैठक के अवसर पर उन्होंने कहा, ‘आज मैं निवेश समुदाय के हितधारकों के साथ बैठक कर रहा हूं, ताकि इस बात पर चर्चा की जा सके कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) तथा विदेशी संस्थागत निवेश (एफआईआई) को और अधिक तीव्र, सुचारू एवं कुशल बनाने के लिए हम और क्या कर सकते हैं।’

मंत्री ने कहा कि निवेश से रोजगार सृजन होगा, नई प्रौद्योगिकी आएंगी, अनुसंधान एवं विकास तथा नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। इससे रक्षा विनिर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा, घरेलू मुद्रा में अधिक स्थिरता आएगी जिससे मुद्रास्फीति को और कम करने में मदद मिलेगी।

गोयल ने कहा, ‘ हमें नीतिगत निश्चितता, स्थिर मुद्रा और पूरे निवेश परिवेश को लेकर निवेशकों में विश्वास नजर आना चाहिए।’ उन्होंने उद्योग जगत को अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने और एक ही क्षेत्र पर निर्भरता कम करने का भी सुझाव दिया।

गौरतलब है कि बीते एक वर्ष से भी अधिक समय में रिकॉर्ड स्तर पर विदेशी संस्थागत निवेशकों और प्रत्यक्ष विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से पैसे निकाले हैं। जिस कारण भारतीय बाजार ने अपनी तेजी खो दी और गिरावट का दौर शुरू हो गया। इसी के मद्देनज़र पियूष गोयल की इस पहल को उद्योग जगत में उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है।

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