लोग रसोई गैस की किल्लत की आशंका से घबराए

मांग में आए आकस्मिक उछाल ने रसोई गैस की भारी किल्लत पैदा कर दी है
Gas Cylinder Price
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नयी दिल्ली : पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के कारण आपूर्ति रुकने के डर से दिल्ली के कई हिस्सों में रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर पाने की होड़ मच गई है। वितरण केंद्रों पर लंबी कतारें और उपभोक्ताओं के बीच भारी बेचैनी देखी जा रही है।मांग में आए इस आकस्मिक उछाल ने स्थानीय बाजार में रसोई गैस की भारी किल्लत पैदा कर दी है, जिससे एक अस्थायी संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। पिछले कुछ दिनों में रसोई गैस की मांग में इतनी तीव्र वृद्धि हुई है कि वर्तमान भंडार इस अप्रत्याशित दबाव को झेलने में असमर्थ सिद्ध हो रहा है, जिसके कारण उपभोक्ताओं को प्रतीक्षा करने का परामर्श दिया जा रहा है।

50 प्रतिशत की भारी वृद्धि : खान मार्केट स्थित ‘किरण गैस सर्विसेज’ के एक प्रवक्ता ने जानकारी दी कि पिछले कुछ दिनों में रसोई गैस की मांग में लगभग 50 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि हमें फोन पर बुकिंग के इतने अधिक अनुरोध प्राप्त हो रहे हैं कि अब हम और फोन उठाने से घबरा रहे हैं।

दोबारा बुकिंग के लिए संपर्क : गोल मार्केट स्थित एक अन्य वितरक, ‘केसन एंटरप्राइज’ ने जानकारी दी कि जिन उपभोक्ताओं ने महज 10-12 दिन पहले ही अपना सिलेंडर प्राप्त किया था, वे भी दोबारा बुकिंग के लिए संपर्क कर रहे हैं। कुछ उपभोक्ता ऐसे भी हैं जिनके पास पहले से ही दो सिलेंडर उपलब्ध हैं, फिर भी वे हमारे पास आ रहे हैं। ऐसे में हम वितरकों के समक्ष भी संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि हमें भंडार हमारी अनुमानित मांग के आधार पर ही प्राप्त होता है।

एलपीजी की कोई कमी नहीं : झंडेवालान स्थित गैस एजेंसियों के बाहर खाली सिलेंडर के साथ उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी गईं। वहीं, मालवीय नगर में रसोई गैस के आपूर्ति वाहन के पहुंचते ही भारी भीड़ और होड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई।ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पी एन सेठ ने कहा कि यह भीड़ मुख्य रूप से उपभोक्ताओं के बीच व्याप्त घबराहट के कारण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है, लेकिन लोग डर के कारण 25 दिन के बजाय 10 दिन में ही बुकिंग कर रहे हैं। विकासपुरी निवासी कमलेश ने कहा कि वह दो सप्ताह से गैस एजेंसी के चक्कर काट रही हैं, लेकिन उन्हें प्रतिदिन 'कल आने' का आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। भीषण गर्मी में बार-बार की यह दौड़-धूप न केवल आर्थिक बोझ डाल रही है, बल्कि मानसिक यंत्रणा का भी कारण बन गई है।

उपभोक्ताओं के बीच बेचैनी : ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाला समुद्री पारगमन प्रभावित हुआ है। विश्व के लगभग पांचवें हिस्से के कच्चे तेल और एक-तिहाई तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति इसी मार्ग से होती है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता उत्पन्न हो गई है।वितरकों का यह भी मानना है कि तकनीकी बाधाओं और दो बुकिंग के बीच अनिवार्य 25 दिन के अंतराल जैसे नियमों के प्रति जागरूकता के अभाव ने भी उपभोक्ताओं के बीच बेचैनी बढ़ा दी है।

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