भीषण गर्मी के बीच अधिकतम बिजली मांग 240 गीगावाट के करीब पहुंची

विशेषज्ञों का मानना है कि देश में तापमान बढ़ने के साथ बिजली की मांग और खपत और बढ़ेगी
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बिजली मांग
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नयी दिल्ली : बढ़ते तापमान के कारण कूलर और एयर कंडीशनर जैसे शीतलन उपकरणों के अधिक इस्तेमाल के मद्देनजर देश में अधिकतम बिजली मांग बुधवार को इस मौसम में सर्वाधिक स्तर करीब 240 गीगावाट तक पहुंच गई। बिजली मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 22 अप्रैल को अधिकतम पूरी की गई बिजली मांग (एक दिन में सबसे अधिक आपूर्ति) 239.70 गीगावाट दर्ज की गई जो इस गर्मी की सबसे अधिक है। इस महीने के पहले पखवाड़े में अधिकतम बिजली मांग अपेक्षाकृत कम रही और यह पिछले वर्ष अप्रैल के औसत 235.32 गीगावाट से नीचे बनी रही। इस वर्ष 16 अप्रैल को अधिकतम पूरी की गई बिजली मांग 234.81 गीगावाट दर्ज की गई थी जबकि अगले दिन यह बढ़कर 238.94 गीगावाट हो गई। 18 अप्रैल को मांग लगभग इसी स्तर पर 238.80 गीगावाट रही लेकिन 19 अप्रैल को घटकर 225.69 गीगावाट हो गई। इसके बाद 20 अप्रैल को फिर बढ़कर 237.43 गीगावाट पहुंच गई। 21 अप्रैल को यह घटकर 236.73 गीगावाट रह गई थी।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ : विशेषज्ञों का मानना है कि देश में तापमान बढ़ने के साथ बिजली की मांग और खपत और बढ़ेगी क्योंकि घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ताओं द्वारा एयर कंडीशनर, एयर कूलर तथा अन्य उपकरणों का उपयोग अधिक होगा।

क्या कहता है मौसम विभाग : भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अगले चार-पांच दिन उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के अधिकतर हिस्सों में लू चलने के आसार हैं। मई 2024 में अधिकतम बिजली मांग लगभग 250 गीगावाट के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। इससे पहले सितंबर 2023 में 243.27 गीगावाट का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था। पिछली गर्मियों (अप्रैल 2025 के बाद से) के दौरान जून में अधिकतम बिजली मांग 242.77 गीगावाट तक पहुंची थी। हालांकि यह सरकार के 277 गीगावाट के अनुमान से कम थी। विद्युत मंत्रालय ने इस वर्ष गर्मियों के दौरान अधिकतम बिजली मांग के करीब 270 गीगावाट रहने का अनुमान लगाया है।

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