

मुंबई : अमेरिका-ईरान संघर्ष से जुड़े घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और कंपनियों के तिमाही नतीजे इस सप्ताह स्थानीय शेयर बाजारों की दिशा तय करने में प्रमुख भूमिका निभाएंगे। विश्लेषकों ने बताया कि विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री गतिविधियां भी बाजार के रुख को प्रभावित करेंगी।रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के शोध प्रमुख अजित मिश्रा ने कहा कि अमेरिका-ईरान संघर्ष से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर खास नजर बनी रहेगी, क्योंकि इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक निवेशकों की जोखिम लेने की धारणा पर पड़ता है।
कंपनियों के तिमाही नतीजे : स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा कि आने वाले सप्ताह में बड़ी संख्या में कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।
अमेरिका-ईरान वार्ता : एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा कि निवेशकों का ध्यान अमेरिका-ईरान वार्ता की दिशा पर रहेगा और वे अल्पकालिक खबरों के बजाय किसी स्थायी समाधान के संकेतों को अधिक महत्व देंगे, क्योंकि इसका असर वैश्विक निवेश, पूंजी प्रवाह और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ता है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार स्थिरता या और कमी शेयर बाजार के लिए सकारात्मक साबित हो सकती है और इससे वृहद आर्थिक स्थिति को भी सहारा मिल सकता है।