एनएसई की शेयर बाजार में एंट्री, 4.63 लाख करोड़ रुपये के बाजार मूल्य के साथ बनी देश की नौवीं बड़ी कंपनी

1,785 रुपये के निर्गम मूल्य के मुकाबले 1,800 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ शेयर, हिंदुस्तान यूनिलीवर और सन फार्मास्युटिकल्स को पीछे छोड़ा
एनएसई के शेयर 1,800 रुपये पर सूचीबद्ध हुए और 4.63 लाख करोड़ रुपये के बाजार मूल्य के साथ देश की नौवीं बड़ी सूचीबद्ध कंपनी बन गए।
एनएसई के शेयर 1,800 रुपये पर सूचीबद्ध हुए और 4.63 लाख करोड़ रुपये के बाजार मूल्य के साथ देश की नौवीं बड़ी सूचीबद्ध कंपनी बन गए।
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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई ने गुरुवार को शेयर बाजार में अपनी शुरुआत कर दी। एनएसई के शेयर 1,785 रुपये के निर्गम मूल्य के मुकाबले 1,800 रुपये पर सूचीबद्ध हुए। इस तरह शेयर ने करीब 0.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ बाजार में कदम रखा। सूचीबद्धता के बाद एनएसई का बाजार मूल्य करीब 4.63 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया और इसके साथ ही यह भारत की नौवीं सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बन गई।

एनएसई के बाजार मूल्य ने इसे देश की कई बड़ी कंपनियों से आगे पहुंचा दिया है। सूचीबद्धता के बाद एनएसई ने हिंदुस्तान यूनिलीवर और सन फार्मास्युटिकल्स को पीछे छोड़ दिया। हालांकि, बाजार मूल्य के मामले में एनएसई अभी रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस और एलएंडटी जैसी कंपनियों से पीछे है।

आईपीओ में 1,785 रुपये था निर्गम मूल्य

एनएसई का बहुप्रतीक्षित सार्वजनिक निर्गम 1,700 से 1,785 रुपये प्रति शेयर के मूल्य दायरे में आया था। ऊपरी मूल्य पर कंपनी का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 4.42 लाख करोड़ रुपये था। बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद शेयर के 1,800 रुपये पर खुलने से इसका बाजार मूल्य बढ़कर करीब 4.63 लाख करोड़ रुपये हो गया।

एनएसई का 22,562 करोड़ रुपये का आईपीओ पूरी तरह बिक्री के लिए पेश किए गए शेयरों का निर्गम था। यानी इस प्रक्रिया के तहत एनएसई को सीधे कोई नई पूंजी नहीं मिली। मौजूदा हिस्सेदारों ने अपने शेयर बेचकर यह रकम जुटाई। आईपीओ में करीब 12.64 करोड़ शेयर बिक्री के लिए रखे गए थे।

आईपीओ को मिला था मजबूत निवेशक समर्थन

एनएसई के आईपीओ को कुल मिलाकर 5.71 गुना अभिदान मिला था। इसमें योग्य संस्थागत खरीदारों की ओर से सबसे ज्यादा मांग देखने को मिली और उनका हिस्सा 12.68 गुना भरा। गैर-संस्थागत निवेशकों का हिस्सा 6.55 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.39 गुना भरा था।

आईपीओ में एक लॉट में आठ शेयर रखे गए थे। 1,785 रुपये के ऊपरी मूल्य के हिसाब से खुदरा निवेशक के लिए न्यूनतम आवेदन राशि 14,280 रुपये थी।

एनएसई और बीएसई के बीच बड़ा अंतर

एनएसई की सूचीबद्धता के बाद देश के दो प्रमुख शेयर बाजारों के बाजार मूल्य में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। बीएसई का बाजार मूल्य करीब 1.33 लाख करोड़ रुपये है, जबकि एनएसई का बाजार मूल्य 4.63 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गया है। यानी सूचीबद्धता के तुरंत बाद एनएसई का बाजार मूल्य बीएसई के मुकाबले काफी अधिक रहा।

एनएसई की सूचीबद्धता लंबे समय से बाजार का इंतजार बना हुई थी। आईपीओ से पहले भी कंपनी का कारोबार भारतीय शेयर बाजार में बड़ी भूमिका रखता था, लेकिन अब इसके शेयरों की सार्वजनिक रूप से खरीद-बिक्री शुरू होने के बाद निवेशकों को कंपनी के बाजार मूल्य में होने वाले बदलाव सीधे देखने को मिलेंगे।

आगे शेयर की चाल पर रहेगी नजर

हालांकि, 1,800 रुपये की शुरुआती सूचीबद्धता के बाद एनएसई के शेयर की कीमत आगे किस दिशा में जाती है, यह बाजार में मांग और उपलब्ध शेयरों की संख्या समेत कई कारकों पर निर्भर करेगा। बड़े निवेशकों के कुछ शेयरों पर निर्धारित रोक के कारण शुरुआती दौर में बाजार में उपलब्ध शेयरों की संख्या सीमित रह सकती है। ऐसे में शुरुआती कारोबार में कीमत में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

एनएसई की सूचीबद्धता भारतीय पूंजी बाजार के लिए भी महत्वपूर्ण है। कंपनी अब खुद शेयर बाजार में कारोबार करने वाली संस्थाओं की सूची में शामिल हो गई है। बाजार मूल्य के लिहाज से 4.63 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचने के साथ उसकी पहली सूचीबद्धता ने उसे देश की शीर्ष कंपनियों के बीच ला खड़ा किया है।

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