बाजारों को अपने शेयर में ट्रेडिंग की अनुमति देने का कोई प्रस्ताव नहीं : सेबी प्रमुख

डिजिटल हस्ताक्षर समेत डिजिटल माध्यमों को बढ़ावा दिया जा रहा है और KYC प्रक्रिया को भी सरल बनाया जा रहा है।
बाजारों को अपने शेयर में ट्रेडिंग की अनुमति देने का कोई प्रस्ताव नहीं : सेबी प्रमुख
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नई दिल्ली : भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने बुधवार को कहा कि शेयर बाजारों को अपने ही शेयरों में कारोबार करने की अनुमति देने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नियामक के पास नहीं है। उन्होंने उन खबरों को भी खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि सेबी इस संभावना की समीक्षा के लिए समिति बनाने पर विचार कर रहा है।

‘एसोसिएशन ऑफ पोर्टफोलियो मैनेजर्स इन इंडिया’ के वार्षिक सम्मेलन से इतर पांडेय ने कहा कि यदि इस दिशा में कोई पहल होती है तो इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। यह मुद्दा बीएसई और एनएसई जैसे एक्सचेंजों के अपने शेयरों में कारोबार से जुड़ा है।

बॉन्ड इंडेक्स पर RBI के साथ काम

पांडेय ने कहा कि बॉन्ड इंडेक्स और वायदा-विकल्प से जुड़े दिशानिर्देशों को अंतिम रूप देने के लिए सेबी और रिजर्व बैंक (RBI) साथ काम कर रहे हैं। RBI ने मसौदा दिशानिर्देश तैयार कर टिप्पणियां मांगी हैं। हालांकि, उन्होंने इन्हें अंतिम रूप देने की कोई समयसीमा बताने से इनकार किया।

एफपीआई ऑनबोर्डिंग होगी आसान

सेबी प्रमुख ने बताया कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के लिए पंजीकरण और ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया को तेज, सरल और डिजिटल बनाने पर RBI के साथ काम चल रहा है। इसके तहत एनएसडीएल प्लेटफॉर्म में बदलाव किया गया है और ‘इंडिया मार्केट एक्सेस’ प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है। साझा आवेदन मंच के जरिए निवेशक अपने आवेदन की स्थिति भी देख सकते हैं।

डिजिटल हस्ताक्षर समेत डिजिटल माध्यमों को बढ़ावा दिया जा रहा है और KYC प्रक्रिया को भी सरल बनाया जा रहा है।

लिस्टेड कंपनियों के अनुपालन पर जोर

पांडेय ने कहा कि शेयर बाजारों को सूचीबद्धता से जुड़ी निरंतर अनुपालन आवश्यकताओं को उचित तरीके से लागू करना चाहिए। निवेशकों को यह भरोसा होना जरूरी है कि सूचीबद्ध कंपनियां नियमों का पालन कर रही हैं।

उन्होंने पोर्टफोलियो प्रबंधन में स्वतंत्र कोष प्रबंधकों की भूमिका का भी समर्थन किया। हालांकि, ऐसे प्रबंधकों की गतिविधियों की अंतिम जिम्मेदारी पंजीकृत पोर्टफोलियो मैनेजर की रहेगी। पांडेय ने कहा कि तकनीक निवेश संबंधी फैसलों को बेहतर बना सकती है, लेकिन जवाबदेही इंसान की ही होनी चाहिए। डेटा गुणवत्ता, मॉडल संचालन, साइबर सुरक्षा और ग्राहक जानकारी की सुरक्षा को उन्होंने अहम बताया।

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