Google में छंटनी का विरोध, 4,500 से अधिक कर्मचारियों ने सुंदर पिचाई से मांगी नौकरी की सुरक्षा

एआई निवेश और पुनर्गठन के बीच गूगल कर्मचारियों की नौकरी पर मंडराता खतरा, याचिका में छंटनी के हालात में मजबूत सुरक्षा और पारदर्शी नीति की मांग
कर्मचारियों को आशंका है कि एआई आधारित तकनीकों और स्वचालन के विस्तार के चलते आने वाले समय में कई मौजूदा भूमिकाओं पर असर पड़ सकता है
गूगल में छंटनी के खिलाफ कर्मचारियों ने जताया विरोध
Published on

नई दिल्ली : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल और टेक्नोलॉजी क्षेत्र में जारी बड़े पैमाने पर पुनर्गठन के बीच गूगल के कर्मचारियों में नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। इसी को लेकर कंपनी के 4,500 से अधिक कर्मचारियों ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई को एक याचिका भेजकर छंटनी की स्थिति में कर्मचारियों के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है।

कर्मचारियों की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब गूगल समेत दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां एआई में भारी निवेश कर रही हैं और अपने कारोबार तथा कर्मचारियों की संरचना में लगातार बदलाव कर रही हैं। कर्मचारियों को आशंका है कि एआई आधारित तकनीकों और स्वचालन के विस्तार के चलते आने वाले समय में कई मौजूदा भूमिकाओं पर असर पड़ सकता है और बड़े पैमाने पर नौकरियों में कटौती हो सकती है।

बेहतर मुआवजे और स्वैच्छिक निकास योजना की मांग

एक रिपोर्ट के अनुसार, अल्फाबेट वर्कर्स यूनियन के सदस्यों ने यह याचिका सुंदर पिचाई और कंपनी के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी। कर्मचारियों ने मांग की है कि छंटनी से पहले कंपनी स्पष्ट और पूर्वानुमान योग्य प्रक्रिया अपनाए। इसके अलावा, प्रभावित कर्मचारियों को बेहतर और सुनिश्चित विच्छेद पैकेज तथा स्वैच्छिक निकास पैकेज उपलब्ध कराया जाए।

याचिका में कर्मचारियों के प्रदर्शन से जुड़े कोटा हटाने और नौकरी से प्रभावित कर्मचारियों के लिए सवेतन अवकाश की अवधि बढ़ाने की मांग भी की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि छंटनी की प्रक्रिया अचानक और अस्पष्ट नहीं होनी चाहिए तथा कंपनी को प्रभावित कर्मचारियों को पर्याप्त समय और वित्तीय सुरक्षा देनी चाहिए।

गूगल परिसर के बाहर जुटे कर्मचारी

याचिका सौंपे जाने से पहले करीब 100 कर्मचारी गूगल के परिसर के बाहर एकत्र हुए और अभियान के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने काली टी-शर्ट पहन रखी थी और याचिका पर हस्ताक्षर करने वाले कर्मचारियों के नाम वाला बैनर भी प्रदर्शित किया।

अल्फाबेट वर्कर्स यूनियन ने इस प्रदर्शन को गूगल के इतिहास में नौकरी की सुरक्षा से जुड़ी कर्मचारियों की सबसे बड़ी पहल बताया है। यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों की चिंता केवल संभावित छंटनी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात से भी जुड़ी है कि कंपनी नौकरी में कटौती के फैसले कैसे लेती है और प्रभावित कर्मचारियों के साथ किस तरह का व्यवहार करती है।

‘मुनाफे की कीमत कर्मचारियों को नहीं चुकानी चाहिए’

अल्फाबेट वर्कर्स यूनियन की अध्यक्ष पारुल कौल ने गूगल की छंटनी नीति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कंपनी अभूतपूर्व सफलता और बड़े पैमाने पर आर्थिक लाभ हासिल कर रही है। ऐसे में कर्मचारियों की नौकरियों में कटौती को केवल कठिन कारोबारी फैसला नहीं माना जा सकता।

कौल के अनुसार, कंपनी को चलाने वाले कर्मचारियों की कीमत पर मुनाफे को प्राथमिकता नहीं दी जानी चाहिए। यूनियन का तर्क है कि जब गूगल एआई के क्षेत्र में अरबों डॉलर का निवेश कर रही है, तब कर्मचारियों को अचानक नौकरी से हटाने के बजाय उन्हें पुनः प्रशिक्षण, वैकल्पिक भूमिकाओं और स्वैच्छिक निकास जैसे विकल्प दिए जाने चाहिए।

एआई निवेश बढ़ने के बीच छंटनी को लेकर चिंता

गूगल सहित टेक उद्योग की कई कंपनियां एआई को कारोबार की अगली बड़ी वृद्धि का आधार मान रही हैं। इसके लिए कंपनियां बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर, चिप, क्लाउड कंप्यूटिंग और एआई मॉडल में निवेश कर रही हैं। इस बदलाव के साथ कई कंपनियां अपनी प्राथमिकताओं और कर्मचारियों की जरूरतों का पुनर्मूल्यांकन भी कर रही हैं।

गूगल के कर्मचारियों को आशंका है कि एआई आधारित उत्पादों और स्वचालन के विस्तार के कारण कुछ पारंपरिक भूमिकाओं की मांग कम हो सकती है। ऐसे में कर्मचारी कंपनी से अधिक पारदर्शिता और यह आश्वासन चाहते हैं कि तकनीकी बदलावों का पूरा बोझ कर्मचारियों पर नहीं डाला जाएगा।

पहले भी कई मुद्दों पर विरोध कर चुके हैं गूगल कर्मचारी

गूगल के कर्मचारी इससे पहले भी कंपनी की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर चुके हैं। इनमें सैन्य अनुबंधों में कंपनी की भूमिका, कार्यस्थल संस्कृति, कर्मचारियों के साथ व्यवहार और एआई के जिम्मेदार विकास एवं इस्तेमाल जैसे मुद्दे शामिल रहे हैं।

हालांकि, मौजूदा विरोध का केंद्र सीधे तौर पर नौकरी की सुरक्षा और छंटनी की प्रक्रिया है। कर्मचारियों की मांग है कि भविष्य में संभावित छंटनी को लेकर कंपनी स्पष्ट नियम बनाए, कर्मचारियों को पर्याप्त सूचना दे और प्रभावित लोगों को बेहतर आर्थिक तथा पेशेवर सहायता उपलब्ध कराए।

गूगल में कर्मचारियों का यह विरोध ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब एआई तकनीक तेजी से उद्योगों को बदल रही है। यह मामला केवल गूगल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री के सामने मौजूद उस बड़े सवाल को भी रेखांकित करता है कि एआई से बढ़ती उत्पादकता और मुनाफे के बीच कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए।

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in