

नयी दिल्ली : रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवा इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने करीब 37,700 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए बाजार नियामक सेबी के समक्ष मसौदा दस्तावेज दाखिल किए। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है। मसौदा दस्तावेज के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स IPO के लिए 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करेगी, जो निर्गम के बाद कुल इक्विटी का लगभग 2.9 प्रतिशत होगा।
आय का उपयोग : IPO से होनी वाली शुद्ध आय का उपयोग मुख्य रूप से इसकी प्रमुख अनुषंगी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) द्वारा लिए गए कुछ बकाया कर्जों के पूर्ण या आंशिक पूर्व-भुगतान और सामान्य कंपनी उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। जुटाए जाने वाले इस अनुमानित कोष के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का मूल्यांकन लगभग 137 अरब डॉलर आंका जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि IPO से मिलने वाली राशि में से करीब 27,500 करोड़ रुपये का उपयोग कर्ज चुकाने या पूर्व-भुगतान और सामान्य कंपनी उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
पहले भी बड़ी रकम जुटाई : जियो प्लेटफॉर्म्स ने पहले भी वैश्विक प्रौद्योगिकी एवं निजी इक्विटी निवेशकों से बड़ी रकम जुटाई है। वर्ष 2020 में कंपनी ने फेसबुक की मूल कंपनी मेटा से 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी के बदले 43,574 करोड़ रुपये और गूगल से 7.73 प्रतिशत हिस्सेदारी के बदले 33,737 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसके अलावा, कंपनी ने सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, जनरल अटलांटिक, केकेआर, मुबाडाला, एडीआईए, टीपीजी, एल कैटरटन, पीआईएफ, इंटेल कैपिटल और क्वालकॉम वेंचर्स जैसे वैश्विक निवेशकों के समूह से करीब 15.2 प्रतिशत हिस्सेदारी के बदले लगभग 74,745 करोड़ रुपये जुटाए थे।
वर्तमान में हिस्सेदारी : वर्तमान में रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स में 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि मेटा के पास 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह IPO वर्ष 2008 के बाद रिलायंस समूह का पहला सार्वजनिक निर्गम होगा और समूह के भीतर किसी उपभोक्ता-केंद्रित कंपनी का पहला IPO भी होगा।