2,000 से ऊपर UPI भुगतान पर शुल्क का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, सोमवार को सुनवाई

केंद्र और भारतीय रिजर्व बैंक और अन्य संबंधित प्राधिकरण मामले में प्रतिवादी हैं।
2,000 से ऊपर UPI भुगतान पर शुल्क का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, सोमवार को सुनवाई
Published on: 

नई दिल्ली : 2,000 से अधिक के कुछ UPI भुगतान पर शुल्क लगाने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। यह मामला UPI के करीब छह साल से चले आ रहे शुल्क-मुक्त ढांचे में प्रस्तावित बदलाव से जुड़ा है। अधिवक्ता अंजन दत्ता ने 14 सितंबर की अधिसूचना और 15 सितंबर को जारी Merchant Discount Rate (MDR) ढांचे को चुनौती दी है। प्रस्तावित व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होनी है।

नए ढांचे के तहत ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा UPI Person-to-Merchant (P2M) लेनदेन पर व्यापारियों से 0.4% MDR लिया जाएगा। ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर यह शुल्क अधिकतम ₹300 तक सीमित रहेगा। वहीं, Person-to-Person (P2P) UPI भुगतान पर राशि की परवाह किए बिना शून्य शुल्क की व्यवस्था जारी रहेगी। P2P भुगतान UPI के करीब 37% लेनदेन और लगभग 70% लेनदेन मूल्य का हिस्सा हैं।

रेलवे, दूरसंचार, बीमा, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे जरूरी तथा कम मार्जिन वाले क्षेत्रों में ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर फ्लैट ₹5 MDR प्रस्तावित है। म्यूचुअल फंड, प्रतिभूति, स्टॉक ब्रोकर और डीलर से जुड़े लेनदेन पर 0.02% MDR लगेगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 होगी।

याचिका में इस व्यवस्था की कानूनी वैधता और इसे लागू करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता ने पर्याप्त वैधानिक सुरक्षा, पारदर्शिता और सार्वजनिक परामर्श की कमी का आरोप लगाया है। याचिका में Payment and Settlement Systems Act, 2007 की संशोधित धारा 10A की संवैधानिक वैधता को भी चुनौती दी गई है।

याचिकाकर्ता का तर्क है कि शुल्क बढ़ने से कम मार्जिन वाले कारोबारों की लागत बढ़ सकती है और इसका अप्रत्यक्ष बोझ उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। याचिका में UPI पर ₹2,000 की सीमा वाले नए शुल्क ढांचे को रद्द या स्थगित करने की मांग की गई है। वैकल्पिक रूप से पारदर्शी परामर्श, संबंधित आंकड़ों के प्रकाशन, प्रभाव आकलन और सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए सुरक्षा उपायों के साथ नए सिरे से समीक्षा की मांग की गई है।

सुप्रीम कोर्ट की 28 सितंबर की कॉज लिस्ट के अनुसार मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ करेगी। केंद्र, भारतीय रिजर्व बैंक और अन्य संबंधित प्राधिकरण मामले में प्रतिवादी हैं।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in